हमारे पास उत्तराखंड के दूर दराज से मरीज आते हैं। यही नहीं कई मरीजों में कैंसर काॅफी एडवांस स्टेज में रहता है। इस स्थिित में कैंसर का ईजाल इतना आसान नहीं होता है। राज्य में कैंसर के विशेषज्ञ डाॅक्टरों की कमी है। कैंसर का इलाज भी महंगा है। अगर हम आकड़ा पर गौर करे तों हर साल 70 हजार के करीब महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर से अपनी जान दे देती हैं। देश में हर आठ में से एक महिला को ब्रैस्ट कैंसर का खतरा बना रहा है। ऐसे में कैंसर के प्रति जागरूता लाकर महिलाओं को बचाया जा सकता है। डाॅ सुनीता प्रभाकर, महिला रोग विशेषज्ञ, सीएमआई अस्पताल, देहरादून।

Breast Cancer Awareness :  ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर से कैसे बच सकती हैं , महिलाएं बता रही हैं महिला रोग विशेषज्ञ डाॅ सुमिता प्रभाकर ! 

अवधेश नौटियाल Awadhesh Nautiyal
Awadhesh Nautiyal

देहरादून। कैंसर एक जानलेवा बीमारी है। भारत में तकरीबन 45 लाख लोग इससे प्रभावित हैं। देश में लगभग 7.5 लाख लोगों की मृत्यु कैंसर से हो जाती है। देश में प्रति वर्ष तकरीबन 2 लाख ब्रेस्ट कैंसर के नए मामले सामने आते हैं। इनमें से अधिकतर अंतिम चरण में सामने आते हैं। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसर में से एक है।

ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल दोनों ही तरह के कैंसर का पता शुरूआती लक्षणों की जांच से लगाया जा सकता है। दुःख की बात ये है कि अधिकतर महिलाएं जागरूकता के अभाव में इस तरह के कैंसर के लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं। पैप सीमर और मैमोग्राफी जैसी जांच की तकनीकों के बारे में महिलाओं को बेहद कम जानकारी है।

Breast Cancer Awareness :  ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर से कैसे बच सकती हैं , महिलाएं बता रही हैं महिला रोग विशेषज्ञ डाॅ सुमिता प्रभाकर !  Dr. Sunita prabhakar CMI hospital Dehradun
Breast Cancer Awareness :  ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर से कैसे बच सकती हैं , महिलाएं बता रही हैं महिला रोग विशेषज्ञ डाॅ सुमिता प्रभाकर !  

ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के संबंध में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य के केन परफैक्ट फाउडेंशन पिछले कई वर्षों से लगातार प्रयासरत हैं। विशेषज्ञ डाॅक्टरों की टीम ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की जंाच के लिए तत्पर है। उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में अब तक इस टीम ने 10 हजार से अधिक महिलाओं की निशुल्क जांच की है।

हमारे पास उत्तराखंड के दूर दराज से मरीज आते हैं। यही नहीं कई मरीजों में कैंसर काॅफी एडवांस स्टेज में रहता है। इस स्थिित में कैंसर का ईजाल इतना आसान नहीं होता है। राज्य में कैंसर के विशेषज्ञ डाॅक्टरों की कमी है। कैंसर का इलाज भी महंगा है। अगर हम आकड़ा पर गौर करे तों हर साल 70 हजार के करीब महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर से अपनी जान दे देती हैं। देश में हर आठ में से एक महिला को ब्रैस्ट कैंसर का खतरा बना रहा है। ऐसे में कैंसर के प्रति जागरूता लाकर महिलाओं को बचाया जा सकता है। डाॅ सुनीता प्रभाकर, महिला रोग विशेषज्ञ, सीएमआई अस्पताल, देहरादून।
Dr. Sumita Prabhakar

हमारे पास उत्तराखंड के दूर दराज से मरीज आते हैं। यही नहीं कई मरीजों में कैंसर काॅफी एडवांस स्टेज में रहता है। इस स्थिित में कैंसर का ईजाल इतना आसान नहीं होता है। राज्य में कैंसर के विशेषज्ञ डाॅक्टरों की कमी है। कैंसर का इलाज भी महंगा है। अगर हम आकड़ा पर गौर करे तों हर साल 70 हजार के करीब महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर से अपनी जान दे देती हैं। देश में हर आठ में से एक महिला को ब्रैस्ट कैंसर का खतरा बना रहा है। ऐसे में कैंसर के प्रति जागरूता लाकर महिलाओं को बचाया जा सकता है।

राज्यभर में 15 जागरूकता एंव जांच कैंप लगाए जाएंगे

अक्टूबर का महीना पूरी दूनिया में ब्रेस्ट कैंसर प्रविसेयन मंथ के तौर पर मनाया जा रहा है। कैन प्रोटेक्ट फांउडेशन भी इस माह के दौरान बड़े पैमाने पर स्तर कैंसर और सर्वाइकल कैंसर के प्रति महिलाओं को जागरूक करेगा। इस दौरान फाउंडेशन की प्रेसिडेंट राज्य की विख्यात महिला रोग विशेषज्ञ डाक्टर सुमिता प्रभाकर की देखरेख में राज्यभर में 15 जागरूकता एंव जांच कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंप्स में बेहद रियायती दरों पर ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की जांच की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। कैन प्रोटेक्ट फाउडेंशन के संरक्षक के तौर पर राज्य के वरिष्ठ डाॅक्टर महेश कुड़ियाल का मार्गदर्शन मिलता रहता है। संस्था के सचिव प्रवीण डंग हैं। इस संस्था में 1 हजार से अधिक समर्पित वालेंटियर जुड़े हुए हैं।

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