Photo : Anusuya Prasad Maikhuri Cong. , Surendra Singh Negi BJP, Indresh Maikhuri CPIML .... Election, Legislative Assembly in Karnprayag Uttarakhand 2017 : सत्ता के लिए नहीं बल्कि विपक्ष के लिए करें सुयोग्य प्रत्याशी का चयन ...!

Election, Legislative Assembly in Karnprayag Uttarakhand 2017 :  सत्ता के लिए नहीं बल्कि विपक्ष के लिए करें सुयोग्य प्रत्याशी का चयन …!

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Shashi Bhushan Maithani Paras Editor

अगर किसी भी एक दल को आगामी 11 मार्च को होने वाली मतगणना में ठीक ठाक बहुमत मिल गया तो इसी महीने उत्तराखंड में नई-नई सरकार जनता के सामने होगी । बशर्ते कि फिर से मुख्यमंत्री बनने या मलाईदार विभागों को लपकने में नेताओं के बीच सिरफुट्टबल न हो तो ! क्योंकि जनता ने राज्य के विकास की उम्मीद में अपना वोट कर लिया है, अब बारी है नेताओं की जो राज्य व जनता से पहले अपने स्वयं के विकास की चिंता करते हुए नजर आएंगे , और ऐसा इस राज्य के नेताओं का चरित्र है और शायद रहेगा भी …!

इस बात को पब्लिक भी अच्छे से जानती है कि उनके नेता राज्य की जनता के हित में तो नहीं,  पर अपने हितों के लिए जरूर सड़कों पर उतर सकते हैं । यहां तक कि अपने मूल दलों को भी ये कुचल  सकते हैं । बहरहाल प्रदेश की जनता ने एक बार फिर से छलियों को सरकार बनाने हेतु 69 सीटों पर अपना मतदान 15 फ़रवरी को ही कर लिया था । और अब एकमात्र निर्णायक सीट पर मतदान होना बाकी है 9 मार्च को ।

उम्मीद की जा रही है कि इस बार कर्णप्रयाग में कुछ अप्रत्याशित होने जा रहा जिसके परिणाम 11 मार्च को चौंकाने वाले आ सकते हैं । और इस उम्मीद के पीछे कारण भी स्पष्ट है,  दरअसल राजनीतिक धुरंधरों का मानना है कि कर्णप्रयाग सीट पर हमेशा से ब्राह्मण प्रत्याशी ही जीतते चले आएं हैं । यहां नेताओं की रीति – नीति नहीं बल्कि जाति देखी जाती है । क्षेत्र का विकास हो न हो पर प्रत्याशी ब्राह्मण जरूर हो । और इस लिहाज से ‘जात पर न पात पर’ … दुहाई देने वाली पार्टी से कांग्रेस प्रत्याशी अनुसूया मैखुरी का पलड़ा भारी होना चाहिए, लेकिन इनके परिवार से ही इनके जाति भाई एक निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में इंद्रेश मैखुरी भी गैस सिलेंडर के साथ मैदान में हैं, जिसने जात-पात की दुहाई देने वालों की सिट्टी पिट्टी गोल की हुई है ।

Photo : Anusuya Prasad Maikhuri Cong. , Surendra Singh Negi BJP, Indresh Maikhuri CPIML .... Election, Legislative Assembly in Karnprayag Uttarakhand 2017 : सत्ता के लिए नहीं बल्कि विपक्ष के लिए करें सुयोग्य प्रत्याशी का चयन ...!
Photo : Indresh Maikhuri , Surendra Singh Negi BJP  and Anusuya Prasad Maikhuri Cong. Karnprayag 

दूसरी ओर पूर्व कांग्रेसी व निर्दलीय चुनाव लड़ चुके नेता जी ‘सिंह इज द किंग’… वोट फ़ॉर रिंग स्लोगन से चर्चित हुए अब इस बार बीजेपी टिकट पर मैदान में हैं तो इनकी स्थति भी विगत वर्षों की अपेक्षा इस बार बेहत्तर बताई जा रही है और सभी बड़े ब्राह्मण चेहरे इनके साथ क्षेत्र में कदमताल भी कर रहे हैं पर इनकी धड़कने इसलिए भी बढ़ी हुई है कि कहीं उनके साथ भीतरघात न हो जाए इनका हाल कुछ ऐसा ही है कि मुंह में राम-राम तो बगल में छूरी … ।

बहरहाल बीजेपी प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह नेगी और कांग्रेस प्रत्यासी अनुसूया प्रसाद मैखुरी दोनों मूल रूप से कांग्रेसी हैं । मैंने स्वयं कर्णप्रयाग क्षेत्र की जनता के मन की टोह लेने की कोशिश की तो अधिकांश का कहना था कि इस बार बीजेपी तो कर्णप्रयाग में है ही नहीं । मैंने कहा कैसे तो एक सज्जन बोले कर्णप्रयाग में दो कांग्रेसियों की भिड़ंत एक निर्दलीय से है । मैंने कहा जीत कौन रहा है ? फिर बोले  कांग्रेसी या निर्दलीय में से एक जीतेगा ।  और अगर कांग्रेसियों को ही वोट करना है तो योग्य कांग्रेसी को वोट करेंगे (जनता का इशारा कांग्रेस प्रत्याशी अनुसूया मैखुरी व बीजेपी प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह नेगी पूर्व कांग्रेसी) की ओर था मतलब भी साफ है कि जनता गुस्से के गुब्बार से भरी है और निर्दलीय प्रत्याशी इंद्रेश मैखुरी को भी मजबूत स्थिति में देख रहे हैं । बातचीत में युवा जीतेन्द्र चौहान कहते हैं कि एक बार इंद्रेश भाई को सदन में जाने का मौका मिलना चाहिए । रतन सिंह कहते हैं कि एक अकेला इंद्रेश मैखुरी ही इस राज्य में बीजेपी कांग्रेस के लम्पटों को बौद्धिक रूप से ठिकाने लगाने के लिए सदन के अंदर बहुत होगा बशर्ते की जनता यह इतिहास रचने का ईमानदारी से अंदर ही अंदर मन ले तो  ।

मैं कुछ लोगों के साथ बातचीत करने के बाद देहरादून लौट आया तो देखा मेरे फेसबुक इनबॉक्स में इंद्रेश के युवा समर्थक मनीष केडियाल ने एक वीडियो मुझे भेजा और अनदेखा न करने का आग्रह भी किया था मैंने कौतुहल में सबसे पहले इसी वीडियो लिंक को देखना जरूरी समझा देखा तो उसमे निर्दलीय प्रत्याशी इंद्रेश मैखुरी का भाषण का वीडियो लिंक उन्होंने मुझे भेजा था, जो लगभग 15 मिनट का था । वीडियो अंधेरा होने के कारण साफ-साफ दिखाई नहीं दे रहा था, इस कारण शुरुआत में मुझे उसे देखने में थोड़ा नीरसता लगी परन्तु आवाज स्पष्ट सुनाई दे रही थी । फिर भी मैंने वीडियो देखना इस उम्मीद में जारी रखा कि आखिर भेजने वाले ने इसे पूरा देखने व सुनने का आग्रह मुझसे क्यों किया है ?

इंद्रेश मैखुरी का जनता को सम्बोधन बेहद ही गरिमामय व सारगर्भित था । पूरे भाषण को मैंने सुना 15 मिनट कब बीत गए पता ही नहीं चला इंद्रेश का एक-एक शब्द 16 वर्षों में हुई लूटपाट की पोल खोल रहा था । ऐसा लगा कि यह वहां से निर्दलीय प्रत्याशी इंद्रेश नहीं बल्कि उत्तराखंड की लूटती-पिटती पहाड़ की जनता अपनी आपबीती सुना रही है । एक-एक शब्द अकाट्य था जो बड़े-बड़े धुरंधरों की बोलती बंद कर देने वाला संबोधन था । पूरे संबोधन में इंद्रेश ने कहीं पर भी अपशब्दों का प्रयोग नहीं किया बीजेपी कांग्रेस के सभी नेताओं की कुण्डली उन्होंने तबियत से मय सबूत खंगाली लेकिन सबके नाम बड़ी ही तहज़ीब के साथ भी लिए गए ।  जबकि आजकल का माहौल इसके उलट है , वर्तमान में नेताओं से ये उम्मीद की ही नहीं जा सकती है ।

अंत में इंद्रेश ने जो कहा उस बात में मुझे बेहद दम नजर आया जनता से अपील करते हुए इंद्रेश कहते हैं कि उत्तराखंड में सरकार बन रही और बनने वाली सरकार के लिए प्रदेश के सम्मानित मतदाताओं ने वोट भी कर दिया है ।

लेकिन अब सरकार नहीं  बल्कि एक मजबूत विपक्ष चुनने की ज़रूरत है और उस विपक्ष को चुनने की बारी है कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं की  ।

वाकही अगर पिछले 16 वर्षों के राजकाज को देखा जाय तो इस प्रदेश में विपक्ष को भी सत्ता के साथ गलबहियां करते ही देखा गया । गौर कीजिए सरकार चाहे भाजपा की रही हो या कांग्रेस की इन दोनों को पोषित उत्तराखंड क्रांतिदल ने किया है । साथ ही इस राज्य का बंटाधार किया बारी-बारी विपक्ष में बैठी बीजेपी व कांग्रेस ने । आज अगर मैं अपने इस लेख में सत्ता की बात न करूं सिर्फ विपक्ष की करूँ तो सबसे बड़ा दोष रहा विपक्षियों का जिन्होंने हमेशा सरकार के साथ मित्रता निभाई है । सत्ता पक्ष के गलत कार्यों के वक़्त विपक्ष ने  कबूतरी परम्परा को जन्म दिया है ।

इसलिए कर्णप्रयाग से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे इंद्रेश मैखुरी के इस संबोधन से  मैं भी व्यक्तिगत रूप से बेहद प्रभावित हुआ हूँ । हमने सरकार बनाने के लिए  15 फ़रवरी को पर्याप्त वोट कर लिए हैं अब बारी कर्णप्रयाग की है अब आप सरकार के लिए नहीं बल्कि एक मजबूत सशक्त विपक्ष को चुनने के लिए 9 मार्च को मतदान कर इतिहास रचें ।

सच बताऊं तो 23 साल पत्रकारिता में मैंने भी बिता लिए हैं, जिसमे से 16 वर्षों से उत्तराखंड की हर सत्ता को करीब से देखने का भरपूर मौका मिला, पर एक अदद एक ईमानदार विपक्ष इस राज्य में अभी तक नहीं देख पाया । अगर सरकार और विपक्ष में आंकलन किया जाय तो अब तक की सरकारों से ज्यादा विपक्ष में बैठे लोग बेईमान साबित हुए हैं ।

उत्तराखंड चुनाव में जनता ने किसे दिखाया  आइना और गुस्से में 60 गांवों ने कहां किया खड़ा अपना प्रत्याशी ! किस पार्टी को लगेगा पलीता इस क्षेत्र में पढिए …….
ग्राउंड जीरो से मनोज इष्टवाल की EXCLUSIVE रिपोर्ट –
http://www.youthicon.co.in/incomplete-road-

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One thought on “Election, Legislative Assembly in Karnprayag Uttarakhand 2017 : सत्ता के लिए नहीं बल्कि विपक्ष के लिए करें सुयोग्य प्रत्याशी का चयन …!”
  1. श्रीशशी भूषण मैठ़ाणी ‘पारस’ भाई साहब जी आप का कहना सत्य है ,राजनीती ईतनी गन्दी हो गई है कि कुछ भी कहना बहुत मुश्किल हो गया है।

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