वेब मीडिया के पत्रकारों को समय रहते अपने लिए आचार संहिता बनानी होगी ताकि ज्यादा व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से उत्तराखंड के हितों की रक्षा के लिए अपनी भूमिका निभाई जा सके इस बात पर भी चर्चा की गयी कि आज जो भी व्यक्ति न्यूज़ पोर्टल संचालित कर रहे हैं उनका कोई रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए इस बात की आवश्यकता महसूस की गई कि न्यूज़ पोर्टल बनाने के लिए पहले या बाद में राज्य सूचना विभाग अथवा एक नियामक तंत्र के अंतर्गत पंजीकरण अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि राज्य में कितने न्यूज पोर्टल  सक्रिय है,इसका ब्योरा संकलित किया जा सके।

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उत्तराखंड हित मे अपनी भूमिकाओं की समीक्षा के लिए वेब मीडिया पत्रकारों की बैठक । 

 

वेब मीडिया के पत्रकारों को समय रहते अपने लिए आचार संहिता बनानी होगी ताकि ज्यादा व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से उत्तराखंड के हितों की रक्षा के लिए अपनी भूमिका निभाई जा सके इस बात पर भी चर्चा की गयी कि आज जो भी व्यक्ति न्यूज़ पोर्टल संचालित कर रहे हैं उनका कोई रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए इस बात की आवश्यकता महसूस की गई कि न्यूज़ पोर्टल बनाने के लिए पहले या बाद में राज्य सूचना विभाग अथवा एक नियामक तंत्र के अंतर्गत पंजीकरण अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि राज्य में कितने न्यूज पोर्टल  सक्रिय है,इसका ब्योरा संकलित किया जा सके।

 

उत्तराखंड न्यूज़ पोर्टल संचालित करने वाले वेब मीडिया के पत्रकारों ने देहरादून में आज एक बड़ी बैठक की और बदलते दौर में उत्तराखंड के हितों की रक्षा के लिए अपनी भूमिकाओं के बारे में नए सिरे से समीक्षा की शुरुआत से ही काफी गरमा गरम बातचीत के साथ शुरू हुई यह बैठक गरमा गरम चाय पकौड़े के दौर के साथ समाप्त हुई। 

वेब मीडिया के पत्रकारों को समय रहते अपने लिए आचार संहिता बनानी होगी ताकि ज्यादा व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से उत्तराखंड के हितों की रक्षा के लिए अपनी भूमिका निभाई जा सके इस बात पर भी चर्चा की गयी कि आज जो भी व्यक्ति न्यूज़ पोर्टल संचालित कर रहे हैं उनका कोई रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए इस बात की आवश्यकता महसूस की गई कि न्यूज़ पोर्टल बनाने के लिए पहले या बाद में राज्य सूचना विभाग अथवा एक नियामक तंत्र के अंतर्गत पंजीकरण अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि राज्य में कितने न्यूज पोर्टल  सक्रिय है,इसका ब्योरा संकलित किया जा सके।

लगभग दो घंटे चली इस बैठक के इस दौरान वेब मीडिया के पत्रकारों ने अपनी जिम्मेदारी और उत्तराखंड के पाठकों द्वारा मिली ताकत के बारे में गहन चिंतन मनन किया बैठक में सभी पत्रकार इस नतीजे पर एकमत थे कि आज लोग सबसे अधिक और सबसे त्वरित सूचनाएं वेब मीडिया से ही प्राप्त करते हैं, लिहाजा वेब मीडिया  पत्रकारों के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारियां खुद-ब-खुद आ गई हैं।

 एक और सबसे बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी खबरों के प्रति विश्वसनीयता बनाए रखने की महसूस की गई। सभी पत्रकारों ने यह निर्णय लिया कि वेब मीडिया के पत्रकारों को समय रहते अपने लिए आचार संहिता बनानी होगी ताकि ज्यादा व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से उत्तराखंड के हितों की रक्षा के लिए अपनी भूमिका निभाई जा सके इस बात पर भी चर्चा की गयी कि आज जो भी व्यक्ति न्यूज़ पोर्टल संचालित कर रहे हैं उनका कोई रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए इस बात की आवश्यकता महसूस की गई कि न्यूज़ पोर्टल बनाने के लिए पहले या बाद में राज्य सूचना विभाग अथवा एक नियामक तंत्र के अंतर्गत पंजीकरण अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि राज्य में कितने न्यूज पोर्टल  सक्रिय है,इसका ब्योरा संकलित किया जा सके।

 साथ राज्य सूचना विभाग से विज्ञापनों के लिए एंपैनलमेंट के तौर तरीकों में भी सुधार किए जाने की आवश्यकता महसूस की गई।

बैठक में वेब मीडिया के पत्रकारों को मान्यता प्रदान करने के विषय में भी परिचर्चा की गई। गौरतलब है उत्तराखंड इक्का-दुक्का राज्यों में शामिल है जहां सबसे पहले वेब मीडिया के लिए विज्ञापन नियमावली बनाई गई है। इसके लिए एक दशक से विभिन्न सरकारों के साथ कई दौर की बैठकों का वाकिया भी याद किया गया।

 यही कारण है कि आज उत्तराखंड में हरीश रावत सरकार में न्यूज़ पोर्टल के लिए विज्ञापन मान्यता नियमावली बनाई गई।

 बैठक में वेब मीडिया के पत्रकारों ने इस बात पर एकजुट होकर सहमति जताई कि वे उत्तराखंड के हितों के लिए एकजुट होकर अपना योगदान देंगे और चाहे सरकार किसी भी दल की क्यों ना हो वे उत्तराखंड के हितों के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।

 पत्रकारों ने इस बात को भी महसूस किया और गंभीरता से इस बात पर चर्चा की कि वे किसी भी घटना के प्रति जिस दृष्टिकोण से रिपोर्टिंग करते हैं दूसरे दिन या शाम को चैनल और अखबार उस दृष्टिकोण की उपेक्षा नहीं कर सकते, इसलिए वेब मीडिया की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

 बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड के व्यापक जनहित के मुद्दों पर वेब मीडिया के सभी पत्रकार इस बात पर पहले रायशुमारी कर लेंगे कि उनका किसी मुद्दे पर क्या दृष्टिकोण है और सभी एक ही दृष्टिकोण से खबरें प्रकाशित करेंगे ताकि उत्तराखंड के हितों के लिए अपनी भूमिका व्यापक रूप से निभाई जा सके।

आज की बैठक में इस बात पर भी निर्णय लिया गया कि वेब मीडिया के पत्रकारों का उत्तराखंड में सिर्फ एक ही संगठन होगा और समय-समय पर नए प्रतिनिधियों को दायित्व दिया जाता रहेगा।

एक दिन पहले ही फोन पर बुलाई गई इस बैठक में बरसात और दूरी होने के कारण काफी पत्रकार समय पर नहीं पहुंच पाए किंतु 4 दर्जन से अधिक पत्रकारों ने इस बैठक में शामिल होकर अपनी नई भूमिकाओं के बारे में गर्मजोशी से चर्चा की।

जल्दी ही वेब मीडिया के पत्रकारों का एक बड़ा सम्मेलन देहरादून में आयोजित किया जाएगा।

बैठक में शामिल पत्रकारों की मौलिक सूची  प्रदान की जा रही है।

By Editor

One thought on “पत्रकारों को समय रहते स्वयं अपनी अचार संहिता बनानी होगी । उत्तराखंड हित मे अपनी भूमिकाओं की समीक्षा के लिए वेब मीडिया पत्रकारों की बैठक । ”
  1. चलो देर से ही सही ,
    देर आये, दुरस्त आये ,
    पर देखना ये है कि कौन – कौन और कहाँ तक आये , कब तक के लिये आये , क्या सोच लेके आये ,
    राज्य हित की बातें बहुत हुई , 18 सालों में एक युवा पीढ़ी वोट देने के लिये तैयार हो गयी लेकिन राज्य के मूलभूत अधिकार आज तक नही मिले , जल ,जंगल, जमीन और पहाड़ का पानी , पहाड़ की जवानी की बातें भी बहुत हुई, लेकिन “हासिल ढाक के तीन पांत”
    अभी भी समय है , आज नही जागे तो आने वाली पीढ़ियां हम सब को कोसेंगी ।

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