KEDARNATH REOPEN
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  उत्तराखंड में आई भीषण जल प्रलय के बाद एक बार फिर से भोले के केदार धाम में घण्टे की आवाज गूँज उठी।  सुरक्षा की दृष्टि से पिछले 86 दिनों से केदारनाथ में नियमित पूजा अर्चना पूर्ण रूप से बंद थी।  16 जून की आपदा के बाद मंदिर परिसर व आसपास के क्षेत्र में अधिसंख्य शव फैले थे बीते दिनों में सरकार द्वारा प्राथिमिकता के तौर पर पूरे मंदिर के आसपास क्षेत्र की साफ-सफाई करवाई गई।  साथ ही गर्भ गृह सभा मण्डप की धुलाई भी मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा की गई थी। फिर बाबा केदार के भव्य मन्दिर को फूलों से सजाया गया। 11 सितम्बर की सुबह 8 बजे रावल भीमाशंकर लिंग ने मन्दिर में पूजा आरम्भ की साथ ही केदारनाथ धाम में मारे गए सभी तीर्थ यात्रियों 

 

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की मृत आत्मा की शांति के लिए शांति पाठ हवन यज्ञ व अनुष्ठान भी किया गया। और बाबा केदारनाथ से प्रार्थना की गई कि अब वह इस क्षेत्र के साथ-साथ देश की खुशहाली के लिए जन-जन में नई उर्जा का संचार करें। केदारनाथ की पूजा के लिए सभी लोगों को हवाई मार्ग से केदारनाथ पहुंचाया गया था जबकि सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल पैदल ही उबड़-खाबड़ रास्तों से बाबा केदार के धाम पहुंचे। वहीं मौसम खराब होने के कारण मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के हैलीकाॅफ्टर को गौरीकुण्ड से ही वापस लौटना पड़ा जिस कारण वे बाबा केदारनाथ की इस विशेष पूजा में शामिल नहीं हो सके। केदारनाथ में 11 सितम्बर की पूजा में मुख्य रावल भीमाशंकर लिंगप्रदेश के कृषि मंत्री हरक सिंह मंदिर समिती के अध्यक्ष गणेश गोदियाल उपाध्यक्ष मधु भट्ट विधायक शैला रानी  पूर्व विधायक आशा नौटियाल जिलाधिकारी दिलीप जावलकर पुलिस अधिक्षक बरिन्द्र जीत सिंह सीईओ बी.डी. सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।

 

By Editor