उत्तराखंड में भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। हर माह की 9 तारीख को सुबह 11 बजे मोबाइल पर अलर्ट सायरन बजाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन के अनुसार, यह सायरन वास्तविक भूकंप की सूचना नहीं, बल्कि सिस्टम के परीक्षण और जनजागरूकता के लिए होगा।
प्रदेश में अब तक 169 सेंसर और 112 सायरन स्थापित किए गए हैं, ताकि समय रहते चेतावनी देकर जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।