अल्मोड़ा में बांटे अखरोट के पेड़ जेपी मैठाणी

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उत्तराखण्ड वन संसाधन प्रबंधन परियोजना (जायका) की महत्वाकांक्षी आजीविका योजना के अन्तर्गत अल्मोड़ा में कृषकों को वितरित किए गए अखरोट की पौधें । 

अल्मोड़ा में बांटे अखरोट के पेड़ जेपी मैठाणी

 

◆  जगदम्बा प्रसाद मैठाणी “जेपी”

25 दिसम्बर को सिविल एवं सोयम वन प्रभाग, अल्मोड़ा के तत्वाधान में उत्तराखण्ड वन संसाधन प्रबंधन परियोजना(जायका)के अन्तर्गत कोसी रेंज की चार वन पंचायतों-पलना, गुना चौतरा, सत्यूं व बैजीटाना में अखरोट के 250 पौधों का वितरण 64 लाभार्थियों को वन क्षेत्राधिकारी कोसी रेंज दिनकर जोशी की उपस्थिति में किया गया। प्रत्येक वन पंचायत में टीम बनाकर अखरोट पौध लाभार्थीवार अपने समक्ष तकनीकी मार्गदर्शन करते हुए रोपित करवाई गई। अखरोट पौध अधिकांश महिला समूह के सदस्यों को दी गई हैं व अन्य ग्रामीण भी लाभार्थियों में सम्मिलित हैं।

अल्मोड़ा में बांटे अखरोट के पेड़ जेपी मैठाणी

प्रभाग अन्तर्गत गणानाथ रेंज में भी जाख सौड़ा, डौटियाल गांव व भकूना वन पंचायतों के 76 लाभार्थियों को 250 पौध वितरित की जानी है।

उत्तराखण्ड वन संसाधन प्रबंधन परियोजना (जायका) की इस महत्वाकांक्षी आजीविका योजना के अन्तर्गत चयनित वन प्रभागों में स्वयं सहायता समूहों एवं वन पंचायतों द्वारा चयनित कृषकों को जागरुक करते हुए अखरोट की बागवानी हेतु उच्च गुणवत्ता के कागजी ग्राफ्टेड अखरोट पौधों को उसके वास्तविक मूल्य से 20% अंशदान की दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिसकी धनराशि भी वन पंचायत कोष में ही जमा होनी है।(जो कि परियोजना द्वारा नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।)

इस योजना हेतु परियोजना द्वारा “केन्द्रीय शीतोष्ण बागवानी संस्थान, श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर)” के साथ अनुबन्ध किया गया है। अनुबन्ध के अन्तर्गत उत्तराखण्ड में अखरोट की ग्राफ्टेड पौधों के साथ ही नर्सरी-कृषिकरण तकनीक का हस्तान्तरण व प्रशिक्षण भी सम्मिलित है।
इसके साथ ही चयनित वन प्रभागों में अखरोट के मातृ-उद्यान भी स्थापित किये जा रहे हैं जिससे कास्तकारों को नजदीक ही अखरोट की उन्नत ग्राफ्टेड पौध निकट भविष्य में प्राप्त हो सके।

अखरोट के बहुउद्देशीय उपयोग को देखते हुए येे कास्तकारों के लिए आजीविका का भी एक बेहतर संसाधन हो सकता है जिसके लिये परियोजना प्रयासरत है।

उक्त पौधरोपण कार्यक्रम में वन क्षेत्राधिकारी, कोसी रेंज, श्री दिनकर जोशी जी, मार्केटिंग स्पेशलिस्ट ज्योत्सना खत्री, वन दरोगा, दीपा उपाध्याय , दया कृष्ण लोहनी वन रक्षक पूरन सिंह भण्डारी, हेमचन्द्र कांडपाल व राजेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय समन्वयक सुरेश टम्टा, विनोद मेहरा व अन्य विभागीय कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

By Editor

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