मुख्यमंत्री बदले जाएंगे उत्तराखंड में । जल्दी होगा नया नाम आपके सामने । त्रिवेन्द्र रावत को राष्ट्रीय राजनीति में नई व बड़ी जिम्मेदारी । * दारूवाला की ही तरह अब सन्तबेरा की भविष्यवाणी भी हुई फेल । * उठने लगे सवाल ! "राजनीति में ज्योतिष या ज्योतिष में राजनीति । ज्योतिष बना बाजार ।

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मुख्यमंत्री बदले जाएंगे उत्तराखंड में । जल्दी होगा नया नाम आपके सामने । त्रिवेन्द्र रावत को राष्ट्रीय राजनीति में नई व बड़ी जिम्मेदारी ।

2019 चुनाव का जिक्र करते हुए यह भी कहा है कि योगी आदित्यनाथ, त्रिवेन्द्र रावत और बसुंधरा राजे को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है । इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि उत्तराखंड में “A” नाम का ब्राह्मण चेहरा अगला CM होगा वहीं उत्तर प्रदेश में “R, M या A” नाम का नया मुख्यमंत्री होगा ।

* दारूवाला की ही तरह अब सन्तबेरा की भविष्यवाणी भी हुई फेल ।

* उठने लगे सवाल ! “राजनीति में ज्योतिष या ज्योतिष में राजनीति । ज्योतिष बना बाजार ।

 

शशि भूषण मैठाणी "पारस" Shashi Bhushan Maithani Paras संपादक यूथ आइकॉन । Editor Youth icon media Award . Dehradun . Maithana . Chamoli . Joshimath . Gopeshwar .
शशि भूषण मैठाणी “पारस”

ज्योतिषियों द्वारा सितारों, ग्रहों व नक्षत्रों की स्थिति को देखते हुए अकसर भविष्यवाणियां देश की राजनीति के संदर्भ में की जाती रही हैं , जो कि तुरन्त मीडिया की सुर्खियों में भी छा जाती है । हालांकि अधिकांशतः ऐसी भविष्यवाणियां पूर्व में झूठी साबित भी हुई हैं । फिर भी आम हो या खास लोग, आंखें मूंद कर इन ज्योतिष्वाणियों पर यकीन कर लेते हैं । और अब फिर एक ज्योतिषाचार्य ने ऐसी भविष्य वाणी कर दी है जिससे राजनीतिक गलियारों के कुछ सत्ताधीशों के तन – मन में बेचैनी उठनी लाज़मी है । इस बार एक नहीं बल्कि चार – चार महाराजों के सर से ताज खिसकने की घोषणा महापंडित ने कर डाली । जिसमें उत्तर प्रदेश में योगी तो उत्तराखंड में त्रिवेन्द्र रावत की सत्ता से विदाई संदर्भित पक्की घोषणा की गई है । इसके लिए बाकायदा वर्ष और महीना भी तय किया गया है । अब त्रिवेन्द्र या योगी के हाथों से सत्ता जाती है या बनी रहती है यह तो भविष्य के गर्त में है परंतु ज्योतिष की गणना ने दोनों सूबों में उनके मुखिया व समर्थकों की धड़कने तेज तो कर ही दी है । और धड़कनों का बढ़ने का कारण भी है, दरअसल जिन महाशय ने यह घोषणा की है उनके बारे में कहा गया है कि इनकी भविष्यवाणी आज तक कभी व्यर्थ नहीं गई है ।

मुख्यमंत्री बदले जाएंगे उत्तराखंड में । जल्दी होगा नया नाम आपके सामने । त्रिवेन्द्र रावत को राष्ट्रीय राजनीति में नई व बड़ी जिम्मेदारी । * दारूवाला की ही तरह अब सन्तबेरा की भविष्यवाणी भी हुई फेल । * उठने लगे सवाल ! "राजनीति में ज्योतिष या ज्योतिष में राजनीति । ज्योतिष बना बाजार ।

यह बात सच है कि हिंदुस्तान में ज्योतिषियों द्वारा की जाने वाली भविष्य वाणियों पर आम जनमानस आसानी से विश्वास कर लेता है और परिणाम आने से पहले ही नतीजों पर जा पहुंचता है । परंतु इस बात से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है कि अमूमन ज्योतिषीय घोषणाएं सिर्फ सुर्खियों तक ही सीमित रहती हैं ।

गौर करने वाली बात यह है कि अखण्ड मंथन पर ज्योतिषाचार्य सन्तबेरा की इस भविष्यवाणी को 22 जुलाई 2018 को अपलोड कर जारी किया गया था , अगर आप ध्यान से सुनेंगे तो सन्तबेरा साफ साफ कह रहे हैं कि अगस्त तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत की जगह अब “A” नाम वाले किसी ब्राह्मण व्यक्ति को मुख्यममंत्री की कुर्सी सौंपी जाएगी । लेकिन गौर कीजिए ज्योतिष गुरु की घोषणा अगस्त के लिए थी लेकिन अब अगस्त को पीछे छोड़ त्रिवेन्द्र रावत नवम्बर माह में आ गए हैं । यहां हम एक बार फिर दावे के साथ कह सकते हैं कि जो हश्र तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के बारे में बेजान दारूवाला की भविष्यवाणी का हुआ था अब कुछ उसी तरह सन्तबेरा की भविष्यवाणी भी हवा हवाई साबित हुई है ।

अब हम उत्तराखंड की ही बात करें तो पूर्व के वर्षों में प्रतिष्ठित समाचार पत्र अमर उजाला द्वारा आयोजित ज्योतिष महाकुम्भ में कई विद्वानों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत को अपनी घोषणाओं में अभयदान दिया था ।

ज्योतिष विद्या के महा धुरंधर बेजान दारूवाला ने ताव ठोककर हरीश रावत को फिर से मुख्यमंत्री अपनी घोषणा में बनाया जो कि पूरे देश में मीडिया के सभी माध्यमों में सुर्खियों में छाया रहा । लेकिन जब हकीकत सामने आई तो बेजान दारूवाला की ज्योतिषी घोषणा चारों खाने चित्त हुई और घोषणा भी एकदम झूठी साबित हुई । हरीश रावत का मुख्यमंत्री बनना तो दूर उन्हें तब दो-दो जगह से हार का मुंह देखना पड़ा था ।

दरअसल ज्योतिष विद्या एक गणित है जो वेदों में भी वर्णित है । ज्योतिषीय गणित कभी झूठी नहीं हो सकती है । परंतु आज जिस तरह से गैर पेशेवर लोग हर टीवी चैनल या गली गली में ज्योतिष का व्यापार करने लगे हैं तब से इसकी गणना में बाजारवाद हावी हो गया और गणना रहित घोषणाएं सच का सामना करने से पहले ही ध्वस्त हो रही हैं ।

परन्तु इस बार एक और ज्योतिष गुरु के द्वारा भविष्यवाणी की गई है कि 15 अगस्त से पहले उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री का नया चेहरा गद्दी पर होगा । ज्योतिष गुरु ने अपनी भविष्य वाणी में उत्तर प्रदेश , झारखंड के अलावा राजस्थान में भी नेतृत्व परिवर्तन की पक्की घोषणा कर डाली है । भविष्यवाणी करने वाले ज्योतिषाचार्य का नाम सन्तबेरा अशोक है । कहा जाता है कि सन्तबेरा द्वारा की गई अभी तक की अधिकांश घोषणाएं सही साबित हुई हैं । यूट्यूब पर अखण्ड मंथन नाम से संचालित चैनल पर इस विशेष कड़ी को प्रचारित प्रसारित किया गया है जिसे अब तक 2लाख 87 हजार 213 लोग देख व सुन चुके हैं ।

लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि अखण्ड मंथन पर ज्योतिषाचार्य सन्तबेरा की इस भविष्यवाणी को 22 जुलाई 2018 को अपलोड कर जारी किया गया था , अगर आप ध्यान से सुनेंगे तो सन्तबेरा साफ साफ कह रहे हैं कि अगस्त तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत की जगह अब “A” नाम वाले किसी ब्राह्मण व्यक्ति को मुख्यममंत्री की कुर्सी सौंपी जाएगी । लेकिन गौर कीजिए ज्योतिष गुरु की घोषणा अगस्त के लिए थी लेकिन अब अगस्त को पीछे छोड़ त्रिवेन्द्र रावत नवम्बर माह में आ गए हैं । यहां हम एक बार फिर दावे के साथ कह सकते हैं कि जो हश्र तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के बारे में बेजान दारूवाला की भविष्यवाणी का हुआ था अब कुछ उसी तरह सन्तबेरा की भविष्यवाणी भी हवा हवाई साबित हुई है ।

सन्तबेरा ने इसी तरह राजस्थान में बसुंधरा राजे के लिए घोषणा की लेकिन मजेदार बात यह कि बसुंधरा भी अपना पूरा कार्यकाल निबटाकर दुबारा चुनावी मैदान में डट गई हैं । उत्तर प्रदेश और झारखंड में भी मुख्यमंत्री अपनी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं । ऐसे में यह सवाल उठना भी लाजमी है कि “राजनीति में ज्योतिष है, या ज्योतिष में राजनीति” ?

बहरहाल सन्तबेरा ने बीच – बीच में 2019 चुनाव का जिक्र करते हुए यह भी कहा है कि योगी आदित्यनाथ, त्रिवेन्द्र रावत और बसुंधरा राजे को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है । इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि उत्तराखंड में “A” नाम का ब्राह्मण चेहरा अगला CM होगा वहीं उत्तर प्रदेश में “R, M या A” नाम का नया मुख्यमंत्री होगा । अब आप पाठक जन अपने अपने राज्यों में इन अक्षरों से शुरू होने वाले नामों के बारे में चर्चा करके उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर देख व परख सकते हैं । साथ ही यह भी सोचिए कि क्या ये भविष्यवाणी सच साबित होंगी भी या नहीं क्योंकि भविष्यवाणी की 50% हवा तो फुस्स हो ही चुकी है ।
वैसे एक अन्य गुरुजी ने 31 दिसंबर 2018 को देश में प्रलय की भविष्यवाणी भी की है । इस तिथि के गुजर जाने के बाद घोषणा करने वाले गुरुजी के भी दर्शन अवश्य करवाएंगे ।
तब तक आप सब अपना ख़याल रखें अफवाहों पर ध्यान न दें । ज्योतिष सतर्क करता है डराता नहीं है । ज्योतिष एक विज्ञान है व्यापार नहीं । इसलिए आप भी व्यापारियों के झांसे में आने से बचें ।

शशि भूषण मैठाणी पारस

By Editor