Youth icon yi Media logoGarbar Jhala : नियम विरुद्ध पीजी दाखिलों पर हाईकोर्ट सख्त…!

RAKESH BIJALWAN, Yi
RAKESH BIJALWAN, Yi

*एसजीआरआर कॉलेज का है मामला । 
*आवंटित सीट पर काउंसिलिंग के बाद नहीं दिया एडमिशन ।

कोर्ट ने पूछे सरकार से सवाल  : 
क्या सरकारी कोटे की सीटें निजी कॉलेजों को नियम विरुद्ध सरेंडर की जा रही हैं ?
क्या सीटों का कोटा सरेंडर करने के पीेछे अंडर टेबल खेल चल रहा है ?
क्या एमसीआई की गाइडलाइन्स का राज्य के निजी मेडिकल कॉलेजों ने उल्लंघन किया है ?
सचिव चिकित्सा शिक्षा को दिए जांच के आदेश

नैनीताल हाईकोर्ट उत्तराखंड
नैनीताल हाईकोर्ट उत्तराखंड

देहरादून। देहरादून के एसजीआरआर कॉलेज में पीजी दाखिले का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। डॉक्टर आशिता अग्रवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुये कोर्ट ने अपर सचिव चिकित्सा शिक्षा को जांच के आदेश दिये हैं। क्या सरकारी कोटे की सीटें निजी कॉलेजों को नियम विरुद्ध सरेंडर की जा रही हैं ? क्या सीटों का कोटा सरेंडर करने के पीेछे अंडर टेबल खेल चल रहा है ? क्या एमसीआई की गाइडलाइन्स का राज्य के निजी मेडिकल कॉलेजों ने उल्लंघन किया है ? ऐसे कई सवाल नैनीताल हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के बाद उठ रहे हैं। देहरादून के कालसी इलाके के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर आशिता अग्रवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि पीजी दाखिले के लिये उसे गुरुराम राय कॉलेज में सीट आवंटित हुई थी लेकिन उसे काउंसिलिंग के बाद प्रवेश नहीं दिया गया और शर्त लगा दी गई कि राज्य सरकार से एनओसी प्राप्त करे।
याचिकाकर्ता के मुताबिक कॉलेज के ब्रोशर व नोटिस बोर्ड पर भी एनओसी का जिक्र नहीं था। जस्टिस सुधंाशू धूलिया की एकलपीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुये याचिकाकर्ता और दूसरे पक्ष के साथ ही मेडिकल काउंसिल ऑपफ इंडिया और व्यत्तिगत रूप से कोर्ट के समक्ष पहुंचे अपर सचिव चिकित्सा शिक्षा से भी कई अहम सवाल पूटे। एमसीआई की गाइडलाइन्स के मुताबिक 20 मई तक सेकेंड काउंसिलिंग पूरी हो जानी थी लेकिन समय सीमा की अनदेखी की गई। कोर्ट में ये भी अधिवत्ताओं की ओर से ये भी कहा गया कि जब सरकारी कोटे की सीटें खाली रह गयीं और कोई भी प्रवेश के लिये नहीं आया तब ये सीटें निजी कॉलेजों को सरेंडर कर दी गईं। कोर्ट ने जब तारीखों को लेकर सवाल किया तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपर सचिव चिकित्सा शिक्षा को पूरे मामले की जांच के आदेश दिये हैं और 19 अक्टूबर तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुये कहा कि क्यों न इस मामले की जांच सीबीआई से करायी जाये।

*राकेश बिज्ल्वाण , 

Copyright: Youth icon Yi National Media, 23.09.2016

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By Editor

One thought on “Garbar Jhala : नियम विरुद्ध पीजी दाखिलों पर हाईकोर्ट सख्त…!”
  1. राकेश बिज्लवाण भाई साहब जी आपके अथक प्रयास से ज्ञात हुआ कि हाईकोर्ट के दखल के बाद अब सरकार स्वयं मेडिकल की सीटें अलाँट करेगी।

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