Kosi nadi : शिव के आंगन से मुख्यमंत्री ने की हरियाली की शुरुआत । कोसी नदी को मिलेगा पुनर्जीवन हरेला पर्व पर CM त्रिवेन्द्र रावत ने की अभियान की शुरुआत ।

Youth icon Yi Media Award logo . यूथ आइकॉन वाई आई मीडिया अवार्ड लोगो । shashi bhushan maithani paras . शशि भूषण मैठाणी पारस . uttarakhand । उत्तराखंड

शिव के आंगन से मुख्यमंत्री ने की हरियाली की शुरुआत । कोसी नदी को मिलेगा पुनर्जीवन हरेला पर्व पर CM त्रिवेन्द्र रावत ने की अभियान की शुरुआत ।

 

हमें भगवान के रूप में साक्षात दर्शन देने वाले इस धरती की मिट्टी और उस पर खड़े पेड़ व पर्वत शृंखलाओं के अस्तित्व को गहराई से समझना होगा और सम्मान करना होगा । CM ने आगे कहा कि उत्तराखण्ड आज अगर देश और दुनियां में मसहूर है तो उसकी वजह भी यहां की प्रकृति और प्रकृति से जुड़े हमारे धार्मिक, सांस्कृतिक, पारंपरिक तीज त्योहार हैं । उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में कोई भी धार्मिक अनुष्ठान प्रकृति के आह्वाहन व उसकी पूजा के बिना अधूरे माने जाते हैं ।

 

Kosi nadi : शिव के आंगन से मुख्यमंत्री ने की हरियाली की शुरुआत । कोसी नदी को मिलेगा पुनर्जीवन हरेला पर्व पर CM त्रिवेन्द्र रावत ने की अभियान की शुरुआत ।

अल्मोड़ा, Yi न्यूज,  अल्मोड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने आम लोगों के साथ के लोक पारम्परिक सांस्कृतिक एवं प्रकृति से जुड़े हरेला पर्व को मनाया । मुख्यमंत्री की उपस्थिति में लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर हरेला पर्व को धूमधाम से मनाया । इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज सावन के प्रथम दिवस पर हरेला पर्व का जोरदार शुभारम्भ भगवान भोलेनाथ की तपस्थली रुद्रधारी में रहा है , वह भी एक सामाजिक व रचनात्मक संकल्प लेने के साथ । मुख्यमंत्री ने कहा कि इस धरती पर बिना प्रकृति के किसी भी जीव का अस्तित्व नहीं है , इसलिए हमें भगवान के रूप में साक्षात दर्शन देने वाले इस धरती की मिट्टी और उस पर खड़े पेड़ व पर्वत शृंखलाओं के अस्तित्व को गहराई से समझना होगा और सम्मान करना होगा । CM ने आगे कहा कि उत्तराखण्ड आज अगर देश और दुनियां में मसहूर है तो उसकी वजह भी यहां की प्रकृति और प्रकृति से जुड़े हमारे धार्मिक, सांस्कृतिक, पारंपरिक तीज त्योहार हैं । उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में कोई भी धार्मिक अनुष्ठान प्रकृति के आह्वाहन व उसकी पूजा के बिना अधूरे माने जाते हैं ।
आम, बड़ , केला, पीपल, कुशा व दुर्बा आदि का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में हर छोटी बड़ी पूजा में इन प्राकृतिक पत्तियों को आवश्यक रूप से शामिल किया जाता । उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह से हरेला पर्व देवताओं की पूजा के साथ -साथ प्रकृति देव का धन्यबाद भी है । मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि जनसहभागिता से ही “कोसी पुनर्जीवन अभियान” सफल हो सकेगा। उन्होंने सुख, समृद्वि और हरियाली के प्रतीक हरेला पर्व के अवसर पर कांटली में कोसी नदी के संरक्षण हेतु किये जा रहे वृहद वृक्षारोपण अभियान का शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता में यह शामिल है कि सबसे पहले हमें अपने प्राकृतिक संसाधानों को संरक्षित व सम्बर्धित करना है । और इसी कारण हमने संकल्प लिया है कि देहरादून में रिस्पना (ऋषिपर्णा) नदी व अल्मोड़ा में कोसी नदी को पुनर्जीवित किया जाएगा ।

Kosi nadi : शिव के आंगन से मुख्यमंत्री ने की हरियाली की शुरुआत । कोसी नदी को मिलेगा पुनर्जीवन हरेला पर्व पर CM त्रिवेन्द्र रावत ने की अभियान की शुरुआत ।

मुख्यमंत्री ने हर्ष जताते हुए कहा कि 167755 (एक लाख सड़सठ हजार सात सौ पचपन) पौधों का रोपण जन सहभागिता के माध्यम से करने का कीर्तिमान स्थापित हो रहा है। जो कि एक ऐतिहासिक कार्य है । साथ ही उन्होंने बताया कि विश्व प्रसिद्व पर्यटन स्थल कौसानी के समीप से इस अभियान की शुरुआत की जा रही है, जिससे प्रकृति संरक्षण का यह संदेश अब पूरे देश व दुनियां में फैलेगा । और इसी तरह आगामी 22 जुलाई को देहरादून में रिस्पना में 2.50 लाख पौधे रौपे जाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी को नदी के संरक्षण हेतु इन रोपित पौधों की 5 वर्षों तक विशेष रूप से रक्षा करने के साथ-साथ नदी की सफाई पर विशेष ध्यान देना होगा।
आगे सूचना विभाग अल्मोड़ा द्वारा जारी प्रेस नोट के मार्फ़त जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने वृक्षारोपण कार्यक्रम के बाद बाल विद्या मन्दिर में आयोजित एक कार्यक्रम में भी शिरकत की । जहां मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जल संरक्षण व जल संवर्द्वन के कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। परम्परागत धारे नौलों के संरक्षण पर हमें विशेष ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने ग्रामीणों से सरकार द्वारा चलायी जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने की भी अपील की। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार प्रदेश के सभी 27 लाख परिवारों को आयुष्मान भारत आयुष्मान- उत्तराखण्ड योजना के अन्तर्गत आच्छादित करेगी। प्रत्येक परिवार को 05 लाख रू0 वार्षिक तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के अन्तर्गत उत्तराखण्ड पूरे प्रदेश को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने वाला भारत में प्रथम राज्य होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दे रही है। आपदा से निपटने के लिए आपदा प्रबन्धन विभाग को सतर्क कर दिया गया है। साथ ही सभी जिलाधिकारियों को आपदा से निपटने के लिए सभी व्यवस्थायें दुरूस्त रखने के साथ ही धनराशि भी आंवटित कर दी गयी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कार्यक्रम के दौरान काटली-पच्चीसी मोटर मार्ग के डामरीकरण करने की घोषणा की। उन्होंने यहाँ पर मोबाईल टावॅर के लिए केन्द्र सरकार को अपनी संस्तुति भेजने की बात कही। उन्होंने स्व0 कमल राम आर्य को श्रद्धांजली देते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके परिवार को यथोचित सहायता उपलब्ध करायेगी। गौरतलब है कि स्व0 श्री कमल राम आर्य ने पैदल चलकर कोसी नदी के पुनर्जीवन के लिए लम्बे समय तक कार्य किया था।

इस कार्यक्रम में केन्द्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भटट, महिला कल्याण राज्यमंत्री रेखा आर्या, सहित अन्य लोगो ने सम्बोधित करते हुए इस पुनीत कार्य को सफल बनाने का संकल्प दोहराया। कोसी पुनर्जीवन अभियान के तहत आज टास्क फोर्स सेना, एस0एस0बी0, एन0सी0सी0, स्काउट, सेना, विद्यालय की छात्र-छात्रायें, महिला मंगल दलो, महिला स्वयं सहायता समूहों व स्वयंसेवी संस्थाओं एवं ग्रामीणों ने बढ़चढ़ कर भागीदारी कर सहभागिता की।

इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, विधायक द्वाराहाट श्री महेश नेगी, विधायक बागेश्वर श्री चन्दन राम दास, विधायक कपकोट बलवन्त सिंह भौर्याल, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, कुमाऊॅ आयुक्त राजीव रौतेला, जिलाधिकारी इवा आशीष, मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित सहित अन्य गणमान्य लोग कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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By Editor