चमोली घिघंराण क्षेत्र में भारी बारिश से कई स्थानों पर मलवा आने तथा जानमाल के नुकसान होने की सूचना हुई प्रसारित  । घिंघराण में 2-3 भवन भू-स्खलन होने के कारण दब गये, जबकि बाजार में 4-5 दुकानों में भरा मलवा  ।

चमोली घिघंराण क्षेत्र में भारी बारिश से कई स्थानों पर मलवा आने तथा जानमाल के नुकसान होने की सूचना हुई प्रसारित  ।

घिंघराण में 2-3 भवन भू-स्खलन होने के कारण दब गये, जबकि बाजार में 4-5 दुकानों में भरा मलवा  ।

 

मुख्यालय से जुड़े घिघंराण क्षेत्र में भारी बारिश होने की जानकारी मिली। रिसंपोन्सिबल आॅफिसर/जिलाधिकारी आशीष जोशी ने आईआरएस के सभी नोडल अधिकारियों को तत्काल कन्ट्रोल रूम में एकत्रित होने तथा आईआरएस से जुड़े सभी अधिकारियों को अर्लट पर रखने के निर्देश दिये। घिघंराण क्षेत्र में भारी बारिश से कतिपय स्थानों पर मलवा आने तथा जानमाल के नुकसान होने की सूचना प्रसारित की गयी। बताया गया कि प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र घिंघराण में 2-3 भवन भू-स्खलन होने के कारण दब गये है तथा घिंघराण बाजार में 4-5 दुकानों में मलवा आने से नुकसान पहुॅचा है। आईआरएस के रिसपोंसिबिल आॅफिसर/जिलाधिकारी ने कन्ट्रोल रूम में नुकसान के संबध में आॅपरेशन सैक्सन, प्लानिंग सैक्सन एवं लाॅजिस्टिक सैक्सन चीफ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की तथा स्पोटर्स स्टेडियम गोपेश्वर में स्थित स्टैजिंग एरिया मैनेजर को सूचित करते हुए रेस्क्यू टीमें तैयार रखने के निर्देश दिये। लेकिन यहाँ पर इस रिपोर्ट को पढ़कर पाठक विचलित न होएं, क्योंकि यह मानसून के खतरों से निबटने के लिए प्रशासन की तैयारियों पर आधारित पूर्वाभ्यास मात्र था । ताकि आगामी महीनों में यदि मानसून से जिले के किसी भी क्षेत्र में आफत आती है तो प्रशासन मुस्तैदी से उसका मुकाबला कर सके । आगे विस्तार से पढ़ें संतोष कुंवर की रिपोर्ट । 

संतोष कुंवर youth icon । Gopeshwar । घिघंराण क्षेत्र में भारी बारिश से कतिपय स्थानों पर मलवा आने तथा जानमाल के नुकसान होने की सूचना प्रसारित की गयी। बताया गया कि प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र घिंघराण में 2-3 भवन भू-स्खलन होने के कारण दब गये है तथा घिंघराण बाजार में 4-5 दुकानों में मलवा आने से नुकसान पहुॅचा है।
संतोष कुंवर

गोपेश्वर (चमोली) मानसून सत्र के दौरान प्राकृतिक आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यो को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा मौजूदा तैयारियों को परखने के लिए जिला प्रशासन ने गुरूवार को जिला मुख्यालय में माॅक अभ्यास किया। जिससे दैवीय आपदाओं से होने वाली क्षति को कम किया जा सके।

आपातकालीन परिचालन केन्द्र को सुबह 9ः00 बजे मुख्यालय से जुड़े घिघंराण क्षेत्र में भारी बारिश होने की जानकारी मिली। रिसंपोन्सिबल आॅफिसर/जिलाधिकारी आशीष जोशी ने आईआरएस के सभी नोडल अधिकारियों को तत्काल कन्ट्रोल रूम में एकत्रित होने तथा आईआरएस से जुड़े सभी अधिकारियों को अर्लट पर रखने के निर्देश दिये। घिघंराण क्षेत्र में भारी बारिश से कतिपय स्थानों पर मलवा आने तथा जानमाल के नुकसान होने की सूचना प्रसारित की गयी।

चमोली घिघंराण क्षेत्र में भारी बारिश से कई स्थानों पर मलवा आने तथा जानमाल के नुकसान होने की सूचना हुई प्रसारित  । घिंघराण में 2-3 भवन भू-स्खलन होने के कारण दब गये, जबकि बाजार में 4-5 दुकानों में भरा मलवा  ।

बताया गया कि प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र घिंघराण में 2-3 भवन भू-स्खलन होने के कारण दब गये है तथा घिंघराण बाजार में 4-5 दुकानों में मलवा आने से नुकसान पहुॅचा है। आईआरएस के रिसपोंसिबिल आॅफिसर/जिलाधिकारी ने कन्ट्रोल रूम में नुकसान के संबध में आॅपरेशन सैक्सन, प्लानिंग सैक्सन एवं लाॅजिस्टिक सैक्सन चीफ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की तथा स्पोटर्स स्टेडियम गोपेश्वर में स्थित स्टैजिंग एरिया मैनेजर को सूचित करते हुए रेस्क्यू टीमें तैयार रखने के निर्देश दिये।

स्टैजिंग एरिया में आईटीबीपी, एसएसबी, आर्मी (13 जैक राइफल्स), पुलिस, अग्नि शमन, रेडक्राॅस, पीआरडी, एनसीसी के जवानों सहित चिकित्सा, सडक, पेयजल, विद्युत, संचार, आदि विभागों के अधिकारियों व कार्मिकों की राहत एवं बचाव के लिए दो टास्कफोर्स टीमों का गठन किया गया। टास्कफोर्स-1 टीम को प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र तथा टास्काफोर्स-2 टीम को घिघंराण बाजार में रेस्क्यू आॅपरेशन की जिम्मेदारी देते हुए आवश्यक उपकरणों के साथ रवाना किया गया।

चमोली घिघंराण क्षेत्र में भारी बारिश से कई स्थानों पर मलवा आने तथा जानमाल के नुकसान होने की सूचना हुई प्रसारित  । घिंघराण में 2-3 भवन भू-स्खलन होने के कारण दब गये, जबकि बाजार में 4-5 दुकानों में भरा मलवा  ।

 

भारी बारिश के कारण प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र के आसपास भूस्खलन होने से तीन भवन क्षतिग्रस्त दिखाये गये। रेस्क्यू टीम ने मलवे में दबे लोगों को रेस्क्यू करना शुरू किया। मलवे में 10 लोग दबे थे, जिनमें से 8 लोगों को सामान्य तथा 2 लोगों को गम्भीर घायल दिखाया गया। गम्भीर रूप से घायल व्यक्तियों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया, जबकि सामान्य रूप से घायल लोगों का मौके पर ही प्राथमिक उपचार किया गया। 

यह तो थी एक सुनियोजित घटना जिसे प्रशासन ने बतौर अपनी तैयारियों को परखने के लिए अमली जामा पहनाया । लेकिन हम सबको भगवान बदरी केदार  से विनती करनी चाहिए कि यह घटना सिर्फ एक कल्पना मात्र ही रहे । और आने वाले दिनों में मानसून क्षेत्र में किसानों व कारोबारियों के लिए वरदान साबित हो । प्रशासन को अपनी इन तैयारियों को दोहराने की कभी जरूरत ही न पड़े । 

 

By Editor