DM से लेकर CM तक की चौखट तक लगा दी गुहार फिर भी सब हैं मौन ! सरकार का समाधान पोर्टल इस मसले है खामोश ! समाचार । news . Youth icon media . Himanshu purohit . Shashi bhushan Maithani paras . Uttarakhand . Dehradun

एक निर्धन परिवार की क्षतिपूर्ण अस्मिता ( घरोंदा ) पर मौन क्यों है शासन-प्रशासन…..?

क्या पलायन का असली चेहरा बेरोजगारी, शिक्षा के स्तर में कमी या पहाड़ों में 21वीं शताब्दी की आधुनिकता का आभाव है ?

समाधान पोर्टल में दो बार अपनी समस्या की अर्जी लगायी है । लेकिन उसका किसी भी प्रकार का प्रशासन द्वारा कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है । समाज का निम्न वर्ग के लिए बनाये इस सेवा पोर्टल की सेवा भी इस परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए नाकारा साबित रही है ।

हिमांशु पुरोहित YOUTH ICON Yi media award . Himanshu Purohit . News
हिमांशु पुरोहित 

नहीं, इसके अलावा भी पलायन का एक रूप और है जो पहाड़ में रह रहे लोगों को पलायन करने पर मजबूर कर रहा है वो है सरकारी तंत्र का व्यवस्था के अनुरूप कार्य ना करना । आये दिन उत्तराखंड के पहाड़ों में हो रहे अवैध खनन और अनैतिक दोहन कार्य के चलते के शासन के बैनर तले समाज का प्राथमिक वर्ग अपने जीवन यापन  करने के लिए भी लड़ रहा है वो भी तब जब सरकार की अनैतिक नीतियों से उनका रहन-सहन आदि भी खतरे में पड़ा हुआ है । एक वृद्धा लड़ रही है अपने अधिकार और अपने उजाड़े घरोंदे को फिर सँवारने के लिए । 

DM से लेकर CM तक की चौखट तक लगा दी गुहार फिर भी सब हैं मौन ! सरकार का समाधान पोर्टल इस मसले है खामोश ! समाचार । news . Youth icon media . Himanshu purohit . Shashi bhushan Maithani paras . Uttarakhand . Dehradun
DM से लेकर CM तक की चौखट तक लगा दी गुहार फिर भी सब हैं मौन ! सरकार का समाधान पोर्टल इस मसले है खामोश ! 

आओ जाने एक ऐसी आपबीती जो गाँव चोंडली, चमोली गढ़वाल में रहने वाली श्रीमती शोभनी देवी, पत्नी स्व० दर्शन सिंह जी की है । जिनका सड़क निर्माण के कारण घर और खेत दोनों ही क्षतिग्रस्त हो गये हैं । शोभनी देवी के बेटे विनोद का स्पष्ट कहना है कि इनका मकान निर्माण कार्य के जद में नहीं था बल्कि जद में लाया गया था क्योंकि ठेकेदार और उसके मुंशी ने अपना पैसा बचाने के लिए इनके घर के नीचे खेतों में कारतूस लगा कर ब्लास्ट किया, जिससे इनका मकान और इनके आस-पास के खेत पूर्णत क्षतिग्रस्त गये हैं । आज खून-पसीने से जोड़े उस घरोंदे की नींव और स्तम्भ टूटने के कगार पर खड़ा है । जो आने वाले समय या वर्षा ऋतू में कभी तो क्षतिग्रस्त हो सकता है जिसमें जान-माल ही हानि होनी सम्भव है क्योंकि उस घर को छोड़ कहाँ रहेंगे ये लोग ?
गौरतलब है कि गौचर लो० नि० वि० द्वारा ग्राम चोंडली से ग्राम लोएंटा तक सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है । जाहिर सी बात है कि सड़क निर्माण कार्य हेतु सभी प्रकार की भूमिगत और उपकरणी जानकारी और जाँच लो० नि० वि० द्वारा पहली ही कर ली गयी होगी । लेकिन उत्तराखंड के इतिहास की तर्ज पर ठेकेदारों और माफियाओं के आगे शासन-प्रशासन मौन दिखाई देता है और इसका हर्जाना शोभनी देवी जैसी जनता के अंग को भुगतना पड़ता है । इस परिवार में शोभनी देवी और उनके बड़े पुत्र ( विनोद नेगी ) और उनकी पुत्रवधू व उनके दो पोते – पोती भी साथ में रहते हैं । आखिर यह निर्धन परिवार दो स्कूली बच्चों के साथ कहाँ जायेगा ?

शासन-प्रशासन कार्यालयों के चक्कर काट कर थक चुकी हैं लेकिन नहीं मिला कोई निदानकारी जवाब …..

शोभनी देवी के पुत्र विनोद नेगी बताते हैं कि वो अपनी माता के साथ तहसील कार्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय, उप-जिलाधिकारी कार्यालय, जिला एवं स्थानीय थाना, लोकनिर्माण विभाग कार्यालय, गौचर और मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष अधिकारी  धीरेन्द्र सिंह पंवार को पत्र-व्यव्हार द्वारा अपनी समस्या को बता चुके हैं और कई बार स्वयं अपनी माता जी के साथ सभी कार्यालयों में चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं लेकिन किसी भी प्रकार का निदानकारी जवाब तक नहीं मिला है और ना ही ठेकेदार के कानों में जूं रेंगी है । 

खोखले हैं समाधान पोर्टल के वो सभी दावे ….?

विनोद नेगी बताते है कि उन्होंने समाधान पोर्टल में दो बार अपनी समस्या की अर्जी लगायी है । लेकिन उसका किसी भी प्रकार का प्रशासन द्वारा कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है । समाज का निम्न वर्ग के लिए बनाये इस सेवा पोर्टल की सेवा भी इस परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए नाकारा साबित रही है ।

क्या कोई शख्स आपसी दुश्मनी निकाल रहा है इस परिवार से कि ग्राम के अन्य लोगों को मुआवजा राशि का भुगतान हो चूका है लेकिन इनको नहीं …?

 

ऐसा भी नहीं कि ग्राम के अन्य लोगों का इस सडक निर्माण व्यवस्था में कोई नुकसान आदि ना हुआ हो । सड़क निर्माण में इस प्रकार की क्षति हो जाती है लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा इस क्षति की मुआवजा द्वारा भरपाई की जाती है या अन्य सकारात्मक विधिओं से सहायता प्रदान की जाती है । 

लेकिन यहाँ इस प्रकार की कोई समाधान प्रक्रिय देखने को नहीं मिली । पूरा गांव इस क्षतिपूर्ण कथानक का साक्षी है कि सडक निर्माण कार्य में श्रीमती शोभनी देवी के मकान को क्षति हुई है लेकिन शासन-प्रशासन की बेरुखी इतनी बढ़ गयी है कि इस परिवार की वर्तमान और भविष्यीक हालात को नजरंदाज कर रहे हैं । क्या यह बेरुखी किसी शख्स की आपसी दुश्मनी तो नहीं जो इस परिवार का दुःख जमीन से आलाकमान को दिख तक नहीं रहा ।

By Editor

One thought on “Solution to the Problem : DM से लेकर CM के दरबार तक कहीं भी नहीं हो रही है शोभनी देवी की सुनवाई । ऐसे में पलायन नीति पर उठते हैं सवाल !”
  1. Hairaan paresaan kiyon hai devbhoomi… Sare jahaan ko pata hai,, agar nahi hai pata to sirf aur sirf in nikamme afsarshahon ko aur in bhookhe nange netawo ko…,,, bade sharm ki baat hai chamchagiri, lootkhasot ye hi ab rah gaya hai devbhoomi ke liye.. Innlogo ne to devtawon tak ko pacha liya…

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