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Sonali : और सोनाली को मिल गई राह । 

RAKESH BIJALWAN, Yi
सोनाली भारद्वाज
सोनाली भारद्वाज

शिक्षा ग्रहण करने के बाद बहुत से युवा ऐसे भी होते हैं जिन्हेेें यह पता नहीं होता है कि क्या करना है किस रास्ते पर चलकर उनका भविष्य सुरक्षित हो सकता है। खास तौर से गरीब वर्ग के लिए जहां अपने बच्चों को महंगे कोर्स कराने मुश्किल हैं। वहीं बढ़ती बेरोजगारी के बीच केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना न केवल युवाओं को हुनरमंद बना रही है बल्कि रोजगार भी प्रदान करवा रही है।

आम तौर पर ऐसा कम ही देखने व सुनने को मिलता है जहां कम पढ़े लिखे और ज्यादा पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं को एक साथ एक माहौल देकर रोजगार की ओर बढ़ाया जाता हो, लेकिन प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। योजना के तहत स्वावलम्बन और स्वरोजगार के साथ निजी व अन्य क्षेत्रों में बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किये जाते हैं।

देहरादून की रहने वाली सोनाली भारद्वाज को भी समझ नहीं आ रहा था कि उच्च शिक्षा की पढा़ई खत्म करने के बाद उसका अगला लक्ष्य क्या होगा। सोनाली मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा पालमपुर की रहने वाली है। 12 वीं तक की पढ़ाई सोनाली ने वहीं के स्कूल में की। सोनाली के पिताजी देहरादून में एक प्रिंटिंग प्रेस में कार्यरत हैं। दो जगह का खर्चा ज्यादा था इसलिए सोनाली गांव से आकर पिता के साथ देहरादून आकर रहने लगी। आगे की पढाई सोनाली ने देहरादून में शुरू की। उसकी मां अनीता गृहणी हैं, उसका एक छोटा भाई और है। और

 यूथ आइकॉन समाचार पत्र में प्रकाशित सोनाली भारद्वाज से संबनधित संचाचार ।
यूथ आइकॉन समाचार पत्र में प्रकाशित सोनाली भारद्वाज से संबनधित संचाचार ।

उनकी आमदनी इतनी नहीं है कि वह उसे कोई कोर्स करवा संके। अच्छा रोजगार किस तरह मिल सके, सोनाली  आए दिन इसी चिंता से परेशान थी।  किसी साथी ने सोनाली को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के बारे में बताया। पहले सोनाली ने इस ट्रेनिंग के लिए मना किया फिर नवंबर 2015 में सोच विचार कर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत देहरादून राजपुर रोड स्थित आई एल एंड एफ एस संस्थान से 45 दिन की ट्रेनिंग ली। स्किल डेप्लमेंट ट्रेनिंग का असर यह हुआ कि पैसेफिक मॉल के लाइफ स्टाइल सेंटर में 8 हजार रुपया महीना की नौकरी मिल गई।

आज सोनाली इंसेंटिव मिलाकर 15 हजार कमा लेती है। इसके साथ ही उसने कई मल्टीनेशनल कम्पनियों में इन्टरव्यू दिए हैं। सोनाली 2 इंटरव्यू राउंड पूरे कर चुकी है।सोनाली को नौकरी का फायदा यह हुआ कि उसके परिवार की माली हालत सुधरने लगी। सोनाली की नौकरी से आज माँ बाप भी खुश हैं। सोनाली अपने छोटे भाई साहिल भारद्वाज को आगे बढ़ाना चाहती है। सोनाली कहती है कि वह इंजनियरिंग करना चाहता है, अब मुझे यह ख़ुशी होगी कि मैं भी उसे इनकरेज करती हूँ और हर संभव मदद का भरोसा देती हूं । नौकरी मिलने के बाद अब सोनाली का सपना पहले स्टोर मैनेजर बनना है फिर उसके बाद बिजनेश मैनेजर साथ ही वह विदेश भी जाना चाहती है। सोनाली कहती है कि भले ही मैंने शुरूआती दिनों में इस क्षेत्र में आने से मना किया था परन्तु साथ  की लड़कियों के साथ जब कोर्स किया तो जॉब ऐसी जगह मिली जहाँ से मुझे मेरी राह आसान लगने लगी क्योंकि मैं हमेशा से किसी इंटनेशनल कम्पनी में काम करना चाहती थी और फिर विदेश जाना भी ख्वाब था यहां आकर पता चला कि यही वह रास्ता है जहाँ से मैं अपने सपनो को पंख दे सकती हूँ ।

©   शशि भूषण मैठाणी ‘पारस’ ,  

Copyright: Youth icon Yi National Media, 05.01.2017

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