Sujan Singh Negi : गुरूजी ये क्या है ? वो कह रहे हैं अब मेरी माँ नहीं रही, और आप कह रहे हो अति सुन्दर ! पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के PRO रहे कमल सिंह रावत की माता जी का देहांत कुछ समय पहले हो गया था । हम सबकी ओर से भी पुनः पूण्य आत्मा को श्रद्धांजलि । यहाँ आपको बता दें कि 5 मार्च 2017 को कांग्रेस नेता कमल सिंह रावत द्वारा अपनी मुण्ड मुंडित एक सेल्फ़ी के साथ फेसबुक पोस्ट के मार्फत यह सूचना अपलोड की गई थी कि अब उनकी माता जी नहीं रही । जिसके बाद परिचितों व मित्रों द्वारा परिवार जनों को सांत्वना और पुण्य आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि कॉमेंट बॉक्स में व्यक्त की गई । तक़रीबन 4 सौ से अधिक लोगों ने संवेदना व्यक्त की थी । 5 मार्च 2017 की यह पोस्ट आचनक से आज जून 2018 में फेसबुक पर फिर से शो हो गई । इसके पीछे कारण आप सभी जानते हैं कि यदि कोई भी यूजर किसी दूसरे यूजर की पोस्ट को लंबे समय बाद लाईक या कॉमेंट करता है तो वह पोस्ट फिर से सर्कुलेट /अपडेट हो जाती है । ऐसा करने पर ही कमल रावत की पोस्ट भी अपडेट हुई और फिर से कई लोगों द्वारा पुनः उन्हें सांत्वना देने का क्रम भी शुरू हुआ । लेकिन इसी बीच एक ऐसा कॉमेंट आया जिसने सबको चौंका दिया । स्क्रीन शॉट में आप खुद देखिये जहाँ एक ओर सभी लोग कमल सिंह की माता जी की मृत्यु के पश्चात शोक जता रहे हैं तो वहीँ पेशे से शिक्षक सुजान सिंह नेगी ने लिख दिया अति सुन्दर कमल भाई । अब कई लोगों को यह सामान्य सी घटना जरूर लग सकती है लेकिन हम इसे सामान्य नहीं मान सकते हैं । आदरणीय नेगी जी जैसा कि अपने प्रोफाइल में बता रहे हैं कि वह एक शिक्षक हैं, तो ऐसे में उनकी इस भूल को नादानी तो बिल्कुल भी नहीं माना जा सकता है । क्योंकि उनके जिम्मे देश के भविष्य को सजाना संवारना, बनाना और फिर उन्हें दिशा देने का काम भी है । हम कई बार देखते हैं कि अधिकाँश लोग फेसबुक पोस्ट में बिना कॉन्टेंट को पढ़े ही अपनी प्रतिक्रया देने की जल्दबाजी कर बैठते हैं । कई मर्तबा यूजर की यही नासमझी हल्के फुल्के मजाकिया मुद्दों को गंभीर कर देते हैं और गंभीर मुद्दों हल्कापन दे देते हैं । इसलिए बात बहुत बड़ी नहीं छोटी सी है परन्तु जब हम आप जिम्मेदार पदों पर रहते हुए अपने दायित्वों को निभाते हैं तो इन गलतियों को भी छोटा नहीं कह सकते हैं । मुझे पूरा यकीन है कि अभी कुछ लोग अवश्य कुतर्क भी करेंगे । ये मैं पहले से जान रहा हूँ । लेकिन कुतर्क करने वालों के लिए भी पहले से सवाल है कि अगर इतनी सी गलती कभी कोई परीक्षार्थी बोर्ड एग्जाम में कर दे तो क्या आप उसे नजरअंदाज कर पूरे नम्बर दे देते हैं ? यदि ना तो फिर यहां कुतर्क की गुंजाईश क्यों ? बहरहाल शिक्षक नेगी से जल्दबाजी में या नासमझी में यह हो गया होगा, लेकिन फिर भी उनके 10 में 10 अंक काट लिए जाते हैं । ताकि आगे से हर कोई पोस्ट को पढ़कर ही लाईक या कमेंट करे । प्राप्तांक / पूर्णांक 00/10 Shashi Bhushan Maithani Paras . Editor Youth icon Yi media . Award . Kamal Singh Rawat Kamlu . Pro . Harish rawat CM . Uttrakhand

Sujan Singh Negi : गुरूजी ये क्या है ? वो कह रहे हैं अब मेरी माँ नहीं रही, और आप कह रहे हो अति सुन्दर !

 

*शशि भूषण मैठाणी पारस .

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के PRO रहे कमल सिंह रावत की माता जी का देहांत कुछ समय पहले हो गया था । हम सबकी ओर से भी पुनः पूण्य आत्मा को श्रद्धांजलि ।
यहाँ आपको बता दें कि 5 मार्च 2017 को कांग्रेस नेता कमल सिंह रावत द्वारा अपनी मुण्ड मुंडित एक सेल्फ़ी के साथ फेसबुक पोस्ट के मार्फत यह सूचना अपलोड की गई थी कि अब उनकी माता जी नहीं रही ।

Sujan Singh Negi : गुरूजी ये क्या है ? वो कह रहे हैं अब मेरी माँ नहीं रही, और आप कह रहे हो अति सुन्दर ! पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के PRO रहे कमल सिंह रावत की माता जी का देहांत कुछ समय पहले हो गया था । हम सबकी ओर से भी पुनः पूण्य आत्मा को श्रद्धांजलि । यहाँ आपको बता दें कि 5 मार्च 2017 को कांग्रेस नेता कमल सिंह रावत द्वारा अपनी मुण्ड मुंडित एक सेल्फ़ी के साथ फेसबुक पोस्ट के मार्फत यह सूचना अपलोड की गई थी कि अब उनकी माता जी नहीं रही । जिसके बाद परिचितों व मित्रों द्वारा परिवार जनों को सांत्वना और पुण्य आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि कॉमेंट बॉक्स में व्यक्त की गई । तक़रीबन 4 सौ से अधिक लोगों ने संवेदना व्यक्त की थी । 5 मार्च 2017 की यह पोस्ट आचनक से आज जून 2018 में फेसबुक पर फिर से शो हो गई । इसके पीछे कारण आप सभी जानते हैं कि यदि कोई भी यूजर किसी दूसरे यूजर की पोस्ट को लंबे समय बाद लाईक या कॉमेंट करता है तो वह पोस्ट फिर से सर्कुलेट /अपडेट हो जाती है । ऐसा करने पर ही कमल रावत की पोस्ट भी अपडेट हुई और फिर से कई लोगों द्वारा पुनः उन्हें सांत्वना देने का क्रम भी शुरू हुआ । लेकिन इसी बीच एक ऐसा कॉमेंट आया जिसने सबको चौंका दिया । स्क्रीन शॉट में आप खुद देखिये जहाँ एक ओर सभी लोग कमल सिंह की माता जी की मृत्यु के पश्चात शोक जता रहे हैं तो वहीँ पेशे से शिक्षक सुजान सिंह नेगी ने लिख दिया अति सुन्दर कमल भाई । अब कई लोगों को यह सामान्य सी घटना जरूर लग सकती है लेकिन हम इसे सामान्य नहीं मान सकते हैं । आदरणीय नेगी जी जैसा कि अपने प्रोफाइल में बता रहे हैं कि वह एक शिक्षक हैं, तो ऐसे में उनकी इस भूल को नादानी तो बिल्कुल भी नहीं माना जा सकता है । क्योंकि उनके जिम्मे देश के भविष्य को सजाना संवारना, बनाना और फिर उन्हें दिशा देने का काम भी है । हम कई बार देखते हैं कि अधिकाँश लोग फेसबुक पोस्ट में बिना कॉन्टेंट को पढ़े ही अपनी प्रतिक्रया देने की जल्दबाजी कर बैठते हैं । कई मर्तबा यूजर की यही नासमझी हल्के फुल्के मजाकिया मुद्दों को गंभीर कर देते हैं और गंभीर मुद्दों हल्कापन दे देते हैं । इसलिए बात बहुत बड़ी नहीं छोटी सी है परन्तु जब हम आप जिम्मेदार पदों पर रहते हुए अपने दायित्वों को निभाते हैं तो इन गलतियों को भी छोटा नहीं कह सकते हैं । मुझे पूरा यकीन है कि अभी कुछ लोग अवश्य कुतर्क भी करेंगे । ये मैं पहले से जान रहा हूँ । लेकिन कुतर्क करने वालों के लिए भी पहले से सवाल है कि अगर इतनी सी गलती कभी कोई परीक्षार्थी बोर्ड एग्जाम में कर दे तो क्या आप उसे नजरअंदाज कर पूरे नम्बर दे देते हैं ? यदि ना तो फिर यहां कुतर्क की गुंजाईश क्यों ? बहरहाल शिक्षक नेगी से जल्दबाजी में या नासमझी में यह हो गया होगा, लेकिन फिर भी उनके 10 में 10 अंक काट लिए जाते हैं । ताकि आगे से हर कोई पोस्ट को पढ़कर ही लाईक या कमेंट करे । प्राप्तांक / पूर्णांक 00/10 Shashi Bhushan Maithani Paras . Editor Youth icon Yi media . Award . Kamal Singh Rawat Kamlu . Pro . Harish rawat CM . Uttrakhand

 

जिसके बाद परिचितों व मित्रों द्वारा परिवार जनों को सांत्वना और पुण्य आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि कॉमेंट बॉक्स में व्यक्त की गई । तक़रीबन 4 सौ से अधिक लोगों ने संवेदना व्यक्त की थी ।
5 मार्च 2017 की यह पोस्ट आचनक से आज जून 2018 में फेसबुक पर फिर से शो हो गई । इसके पीछे कारण आप सभी जानते हैं कि यदि कोई भी यूजर किसी दूसरे यूजर की पोस्ट को लंबे समय बाद लाईक या कॉमेंट करता है तो वह पोस्ट फिर से सर्कुलेट /अपडेट हो जाती है ।

Sujan Singh Negi : गुरूजी ये क्या है ? वो कह रहे हैं अब मेरी माँ नहीं रही, और आप कह रहे हो अति सुन्दर ! पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के PRO रहे कमल सिंह रावत की माता जी का देहांत कुछ समय पहले हो गया था । हम सबकी ओर से भी पुनः पूण्य आत्मा को श्रद्धांजलि । यहाँ आपको बता दें कि 5 मार्च 2017 को कांग्रेस नेता कमल सिंह रावत द्वारा अपनी मुण्ड मुंडित एक सेल्फ़ी के साथ फेसबुक पोस्ट के मार्फत यह सूचना अपलोड की गई थी कि अब उनकी माता जी नहीं रही । जिसके बाद परिचितों व मित्रों द्वारा परिवार जनों को सांत्वना और पुण्य आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि कॉमेंट बॉक्स में व्यक्त की गई । तक़रीबन 4 सौ से अधिक लोगों ने संवेदना व्यक्त की थी । 5 मार्च 2017 की यह पोस्ट आचनक से आज जून 2018 में फेसबुक पर फिर से शो हो गई । इसके पीछे कारण आप सभी जानते हैं कि यदि कोई भी यूजर किसी दूसरे यूजर की पोस्ट को लंबे समय बाद लाईक या कॉमेंट करता है तो वह पोस्ट फिर से सर्कुलेट /अपडेट हो जाती है । ऐसा करने पर ही कमल रावत की पोस्ट भी अपडेट हुई और फिर से कई लोगों द्वारा पुनः उन्हें सांत्वना देने का क्रम भी शुरू हुआ । लेकिन इसी बीच एक ऐसा कॉमेंट आया जिसने सबको चौंका दिया । स्क्रीन शॉट में आप खुद देखिये जहाँ एक ओर सभी लोग कमल सिंह की माता जी की मृत्यु के पश्चात शोक जता रहे हैं तो वहीँ पेशे से शिक्षक सुजान सिंह नेगी ने लिख दिया अति सुन्दर कमल भाई । अब कई लोगों को यह सामान्य सी घटना जरूर लग सकती है लेकिन हम इसे सामान्य नहीं मान सकते हैं । आदरणीय नेगी जी जैसा कि अपने प्रोफाइल में बता रहे हैं कि वह एक शिक्षक हैं, तो ऐसे में उनकी इस भूल को नादानी तो बिल्कुल भी नहीं माना जा सकता है । क्योंकि उनके जिम्मे देश के भविष्य को सजाना संवारना, बनाना और फिर उन्हें दिशा देने का काम भी है । हम कई बार देखते हैं कि अधिकाँश लोग फेसबुक पोस्ट में बिना कॉन्टेंट को पढ़े ही अपनी प्रतिक्रया देने की जल्दबाजी कर बैठते हैं । कई मर्तबा यूजर की यही नासमझी हल्के फुल्के मजाकिया मुद्दों को गंभीर कर देते हैं और गंभीर मुद्दों हल्कापन दे देते हैं । इसलिए बात बहुत बड़ी नहीं छोटी सी है परन्तु जब हम आप जिम्मेदार पदों पर रहते हुए अपने दायित्वों को निभाते हैं तो इन गलतियों को भी छोटा नहीं कह सकते हैं । मुझे पूरा यकीन है कि अभी कुछ लोग अवश्य कुतर्क भी करेंगे । ये मैं पहले से जान रहा हूँ । लेकिन कुतर्क करने वालों के लिए भी पहले से सवाल है कि अगर इतनी सी गलती कभी कोई परीक्षार्थी बोर्ड एग्जाम में कर दे तो क्या आप उसे नजरअंदाज कर पूरे नम्बर दे देते हैं ? यदि ना तो फिर यहां कुतर्क की गुंजाईश क्यों ? बहरहाल शिक्षक नेगी से जल्दबाजी में या नासमझी में यह हो गया होगा, लेकिन फिर भी उनके 10 में 10 अंक काट लिए जाते हैं । ताकि आगे से हर कोई पोस्ट को पढ़कर ही लाईक या कमेंट करे । प्राप्तांक / पूर्णांक 00/10 Shashi Bhushan Maithani Paras . Editor Youth icon Yi media . Award . Kamal Singh Rawat Kamlu . Pro . Harish rawat CM . Uttrakhand

 

ऐसा करने पर ही कमल रावत की पोस्ट भी अपडेट हुई और फिर से कई लोगों द्वारा पुनः उन्हें सांत्वना देने का क्रम भी शुरू हुआ । लेकिन इसी बीच एक ऐसा कॉमेंट आया जिसने सबको चौंका दिया ।
स्क्रीन शॉट में आप खुद देखिये जहाँ एक ओर सभी लोग कमल सिंह की माता जी की मृत्यु के पश्चात शोक जता रहे हैं तो वहीँ पेशे से शिक्षक सुजान सिंह नेगी ने लिख दिया अति सुन्दर कमल भाई ।  हालाँकि सुजान सिंह के कॉमेंट का ज़बाब पेशे से शिक्षक अनिल मैठाणी ने दिया और उन्हें बताया कि उनकी माँ का निधन हुआ है और आप अति सुन्दर कह रहे हो ।  शिक्षक अनिल मैठाणी सोच समझकर लिखने का आग्रह सुजान सिंह से किया । 

अब कई लोगों को यह सामान्य सी घटना जरूर लग सकती है लेकिन हम इसे सामान्य नहीं मान सकते हैं । आदरणीय नेगी जी जैसा कि अपने प्रोफाइल में बता रहे हैं कि वह एक शिक्षक हैं, तो ऐसे में उनकी इस भूल को नादानी तो बिल्कुल भी नहीं माना जा सकता है । क्योंकि उनके जिम्मे देश के भविष्य को सजाना संवारना, बनाना और फिर उन्हें दिशा देने का काम भी है । हम कई बार देखते हैं कि अधिकाँश लोग फेसबुक पोस्ट में बिना कॉन्टेंट को पढ़े ही अपनी प्रतिक्रया देने की जल्दबाजी कर बैठते हैं ।

Sujan Singh Negi : गुरूजी ये क्या है ? वो कह रहे हैं अब मेरी माँ नहीं रही, और आप कह रहे हो अति सुन्दर !

कई मर्तबा यूजर की यही नासमझी हल्के फुल्के मजाकिया मुद्दों को गंभीर कर देते हैं और गंभीर मुद्दों हल्कापन दे देते हैं । इसलिए बात बहुत बड़ी नहीं छोटी सी है परन्तु जब हम आप जिम्मेदार पदों पर रहते हुए अपने दायित्वों को निभाते हैं तो इन गलतियों को भी छोटा नहीं कह सकते हैं ।
मुझे पूरा यकीन है कि अभी कुछ लोग अवश्य कुतर्क भी करेंगे । ये मैं पहले से जान रहा हूँ । लेकिन कुतर्क करने वालों के लिए भी पहले से सवाल है कि अगर इतनी सी गलती कभी कोई परीक्षार्थी बोर्ड एग्जाम में कर दे तो क्या आप उसे नजरअंदाज कर पूरे नम्बर दे देते हैं ?
यदि ना तो फिर यहां कुतर्क की गुंजाईश क्यों ?
बहरहाल शिक्षक नेगी से जल्दबाजी में या नासमझी में यह हो गया होगा, लेकिन फिर भी उनके 10 में 10 अंक काट लिए जाते हैं । ताकि आगे से हर कोई पोस्ट को पढ़कर ही लाईक या कमेंट करे ।

प्राप्तांक / पूर्णांक
00/10

Shashi Bhushan Maithani Paras

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