पहाड़ से पलायन रोकने के सांसद बलूनी ने वित्त मंत्री से की विशेष फण्ड की मांग ।

 

पलायन के कारण सैकड़ों गांव निर्जन (घोस्ट विलेज) हो चुके हैं और यह क्रम तेजी से जा रही जारी है। इस भयावह समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार के सहयोग की विशेष आवश्यकता है। मूलभूत सुविधाओं और सामान्य से रोजगार के लिए होने वाले पलायन के उन्मूलन के लिए धरातल पर व्यावहारिक नीति बन सके और ठोस कार्य हो सके। उत्तराखंड के पौड़ी टिहरी उत्तरकाशी रुद्रप्रयाग चमोली बागेश्वर अल्मोड़ा चंपावत पिथौरागढ़ तथा नैनीताल जनपद का पर्वतीय क्षेत्र पलायन की समस्या से अत्यधिक ग्रस्त हैं।

 

उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने उत्तराखंड में हो रहे भारी पलायन की समस्या के निदान हेतु उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों के लिये आगामी बजट में ‘विशेष फण्ड’ की मांग को लेकर देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी से भेंट की ।

सांसद बलूनी ने कहा कि पलायन के कारण सैकड़ों गांव निर्जन (घोस्ट विलेज) हो चुके हैं और यह क्रम तेजी से जा रही जारी है। इस भयावह समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार के सहयोग की विशेष आवश्यकता है। मूलभूत सुविधाओं और सामान्य से रोजगार के लिए होने वाले पलायन के उन्मूलन के लिए धरातल पर व्यावहारिक नीति बन सके और ठोस कार्य हो सके। उत्तराखंड के पौड़ी टिहरी उत्तरकाशी रुद्रप्रयाग चमोली बागेश्वर अल्मोड़ा चंपावत पिथौरागढ़ तथा नैनीताल जनपद का पर्वतीय क्षेत्र पलायन की समस्या से अत्यधिक ग्रस्त हैं।

सांसद बलूनी ने कहा की आगामी बजट में अगर उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों के लिए ‘विशेष फण्ड’ की व्यवस्था होती है तो यह राज्य के लिए मील का पत्थर होगा और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस हिमालयी राज्य के लिए जीवनदान होगा। उन्होंने कहा वह इस क्रम में विभिन्न मंत्रालयों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों से संवाद कर इस कड़ी को आगे बढ़ाएंगे।

सांसद बलूनी ने कहा अगर ढांचागत अवस्थापना के साथ रोजगार उन्मूलन की नीति बनती है तो वह पलायन रोकने में कारगर होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार इस विषय में अवश्य गंभीरता से विचार करेगी ।

By Editor