प्रेमनगर के बिधोली गांव निवासी दंपती को आरोपियों ने खुद को एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) और मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर अपने जाल में फंसाया। साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग दंपति को करीब 60 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा और इसी तरह उनसे करीब 45.85 लाख रुपए की ठगी की गई।
मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आतंकी हमले में होने और जांच में फंसने का भय दिखाने के साथ ही आरोपियों ने उनके तीनों बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी धमकाया। करीब 60 घंटे तक वीडियो कॉल पर रखकर दंपती को किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया। डर के चलते पीड़ितों ने 21 से 27 अगस्त के बीच पांच बार में रकम ट्रांसफर कर दी।
फोन पर दंपति से कहा गया कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आतंकी घटना में हुआ है और वे जांच के दायरे में हैं। इसके बाद दंपति से उनके तीनों बच्चों की जानकारी और उनके ठिकानों के बारे में पूछा गया। फिर बच्चों की जान को खतरा होने की बात कहकर उन्हें मानसिक दबाव में लिया गया।
एक दिन जब उनकी बेटी उनसे मिलने घर आई तो दोनों बाहर नहीं निकले और फोन लेकर दूसरे कमरे में बैठे रहे। इसी दौरान बेटी ने देखा कि मां का चेहरा लाल हो गया है। इसके बाद उसने चुपके से सारी बात सुन ली। बेटी को देखते ही दंपती ने तुरंत वीडियो कॉल काट दी। मां-पिता के अचानक घबराकर जवाब देने पर बेटी ने सख्ती से पूछा तो मामले का खुलासा हुआ। मामले में पीड़ित दंपती की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।