Illegal : पहाड़ में चल पड़ा ये गंदा धंधा वो भी ठीक प्रशासन की नाक के नीचे ! जिसके चलते अब शहर के कई परिवार आए तनाव में ।

पहाड़ में चल पड़ा ये गंदा धंधा वो भी ठीक प्रशासन की नाक के नीचे ! जिसके चलते अब शहर के कई परिवार आए तनाव में ।

 

● उत्तराखंड की शैक्षिक राजधानी में फल-फूल रहा है ये अवैध धंधा !

 

● कैसे फल-फूल रहा है ये अवैध वसूली का अड्डा पहाड़ के इस शहर में बता रही हैं आकांक्षा  ।

 

 

 

उत्तराखंड के पहाड़ों पर एक ऐसा धंधा फल फूल गया है जिसने यहां के वाशिंदों को धीरे-धीरे अपनी जकड़ में ले लिया है । धंधा इतना गंदा कि जिसने भोले भाले पहाड़ के लोगों के दिलों में भारी दहशत भर दी है । बुरी तरह से लुटे पिटे लोग इतनी दहशत में हैं कि वह पुलिस में भी रिपोर्ट दर्ज कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं , दहशत की वजह भी साफ है क्योंकि यह वैध नहीं बल्कि अवैध धंधा है । और इसी का फायदा पहाड़ के इस शहर में सूदखोर उठा रहे हैं । जो गरीब लाचार व मजबूर लोगों की मजबूरी का फायदा उठा कर अपने काले धंधे की जड़ों को सींच रहे हैं । पहाड़ के किस शहर पर पड़ी माया की यह काली छाया इससे संबंधित रिपोर्ट यूथ आइकॉन को भेजी है आकांक्षा  ने । हमारी कोशिश रहेगी कि इस मसले को जल्द से जल्द शासन प्रशासन के ध्यान में रखना व धंधेबाजों को उनके गुनाहों की सजा दिलवाना । बहरहाल आप पढ़ें आगे यह विस्तृत रिपोर्ट !

 

आकांक्षा बडोनी Akanksha Baduni
आकांक्षा  

हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड की शैक्षिक राजधानी श्रीनगर की जिस शहर में आजकल सूदखोरी का धंधा खूब फल फूल रहा है। जिसने अब नगर में एक अवैध कारोबार का रूप ले लिया है। जो दिन प्रति-दिन बड़ा स्वरूप ले रहा है। श्रीकोट, श्रीनगर कीर्तिनगर तक इस अवैध कारोबार की जड़े जम गयी हैं। जिसकी जकड़ में दर्जनों परिवार आकर बर्बादी की कगार पर पहुंच गये हैं। कुछ लोगों ने दो सूदखोरों के पास अपने मकान तक गिरवी रख दिये हैं। दुकान खोलकर व्यापार की आड़ में ब्याज के इस धंधे में कुछ छुटभैया नेता भी शामिल हैं। 10 से 40 प्रतिशत तक ब्याज वसूली से पीड़ित परिवारों के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है।

Illegal : पहाड़ में चल पड़ा ये गंदा धंधा वो भी ठीक प्रशासन की नाक के नीचे ! जिसके चलते अब शहर के कई परिवार आए तनाव में ।
पहाड़ में चल पड़ा ये गंदा धंधा वो भी ठीक प्रशासन की नाक के नीचे ! जिसके चलते अब शहर के कई परिवार आए तनाव में ।

ब्याजखोरों से परेशान होकर जान देने तक की नौबत कई परिवारों पर आ गयी है। इसके बाद भी लोग पुलिस तक शिकायत करने में कतरा रहे हैं। वजह यह भी है कि सूदखोर कई बार बाजार में पुलिसवालों और राजनेताओं के साथ बैठक करते हुए दिखाई देते हैं। ऐसे में पीड़ित व्यक्ति इनकी शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। आलम यह है कि नगर में कई व्यक्ति ऐसे हैं जिन्होंने दस लाख के कर्ज पर एक करोड़ से उपर का ब्याज सूदखोर को दे दिया है। लेकिन मूल धनवापस न देने के चलते सूदखोर लगातार उन्हें परेशान करने पर तूल हुए हैं।

राशि के बदले लेते हैं ब्लैंक चेक :

ब्याजखोर राशि देने के साथ ही पीड़ित से कई ब्लैंक चेक, एटीएम कार्ड व बैंक की पासबुक तक रख लेते हैं। शासकीय सेवक होने पर वेतन खाते में जमा होते ही एटीएम या चेक लगाकर राशि सीधे सूदखोर निकाल लेते हैं।

हर दिन की है किस्त :

सूदखोरों का ब्याज 10 से 40 प्रतिशत तक होता है वहीं प्रतिदिन की किस्त तय करने के बाद नहीं देने पर पैनल्टी के नाम पर अलग से वसूली की जाती है।

जमा राशि का नहीं सबूत :

ब्याजखोर सीधे एटीएम से राशि निकाल लेते हैं जिसके चलते पीड़ित व्यक्ति के पास ब्याज के रूप मे जमा की गई राशि को लेकर कोई सबूत नहीं रहता। शिकायत करने पर ब्याजखोर मामले से पल्ला झाड़ लेते हैं और ब्लैंक चेक में मनमानी रकम भरकर किसी अन्य करीबी के नाम से बैंक में लगाकर बाउंस कराने के बाद कोर्ट में केस लगा देते हैं। इससे पीड़ित दोहरी परेशानी में पड़ जाता है।

By Editor

3 thoughts on “Illegal : पहाड़ में चल पड़ा ये गंदा धंधा वो भी ठीक प्रशासन की नाक के नीचे ! जिसके चलते अब शहर के कई परिवार आए तनाव में ।”
  1. शासन – प्रशासन को चाहिये कि बिना लाइसेंस के व्याज लेने वाले ञृण दाताओं को अवैध घोषित कर उपर कार्यवाही करे! समाज के ऐसे दीमकों का सफाया तो करना ही होगा!

    कमल के नीचे ऐसे गुल नहीं खिल सकते! ऐसे माफियायों पर नकेल लगाने का आवश्यकता है!
    स्थानीय प्रशासन सोया क्यों है?? स्थानीय राजनैतिक नेता यदि इस कार्य में शामिल नहीं तो फिर ये धंधा फल फूल क्यों रहा है???

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