Sunil Uniyal . Business man . Youth icon Yi National Award 2018 कड़ी मेहनत और लगन से फौजी के बेटे ने मात्र दस हजार रुपये में खड़ा किया करोड़ों का व्यापार । 

यूथ आइकॉन वाई. आई. नेशनल अवार्ड ।   Youth icon Yi National Award logo . 

कड़ी मेहनत और लगन से फौजी के बेटे ने मात्र दस हजार रुपये में खड़ा किया करोड़ों का व्यापार । 

* युवा उद्यमी सुनील होंगे यूथ आइकॉन अवार्ड से सम्मानित । 

 

सुनील युवा उद्यमी तो हैं ही साथ ही उनका सामाजिक सरोकारों से निरंतर जुड़े रहना उन्हें सही मायनों में यूथ आइकन बनाता है। पुरुस्कार व्यक्ति को सम्मानित करता है, उसकी मेहनत को प्रमाणित और प्रोत्साहित करता है, किंतु अनेक बार सही व्यक्ति के चयन से पुरस्कार की गरिमा भी निर्मित होती है।हमारी कोशिश है कि हम समाज के उन मोतियों को एक ऐसी प्रेरक माला में पिरोना चाहते हैं, जिससे समाज प्रेरणा ले, प्रभावित हो और उन संकल्पों को स्वयं के जीवन मे उतारे।

 

Youth icon Yi National Award
Youth icon Yi National Award

जी हां! हम बात कर रहे हैं युवा उद्यमी, उत्तराखंड के सरोकारों के प्रति संवेदनशील और संस्कृति के संरक्षण के लिए सदैव अग्रणी सुनील उनियाल की। सुनील उनियाल पलायन से खाली होती और नौकरी का सपना पाल कर महानगरों में अपनी जवानी को गला देने वाली उत्तराखंड की जवानी के लिए एक बड़ा सबक हैं, जिन्होंने खुद की मेहनत और लगन से आज एक बड़ा मुकाम हासिल किया है।

आज उनके संस्थान में सैकड़ों लोग काम करते हैं। सुनील लोकप्रिय पेय रसना कंपनी के प्रोडक्शन पार्टनर हैं, इसके अलावा वे पैकेजिंग इंडस्ट्री का जाना माना नाम तो हैं हीं, पार्टी टाइम नाम से उनके वेवरेज भी काफी लोकप्रिय हैं। सुनील उनियाल ने पहली फैक्ट्री जो लगभग 18 साल पहले फरीदाबाद में स्थापित की, उसके बाद उन्होंने दो फैक्ट्रियां देहरादून के सेलाकुई में खड़ी की।

उत्तराखंड की माटी, संस्कृति और सरोकारों से बेइंतहा लगाव रखने वाले सुनील अपने गांव से भी गहरे जुड़े हुए हैं।पौड़ी के श्रीनगर शहर के निकट के रहने वाले सुनील

Sunil Uniyal . Business man . Youth icon Yi National Award 2018 कड़ी मेहनत और लगन से फौजी के बेटे ने मात्र दस हजार रुपये में खड़ा किया करोड़ों का व्यापार । 

उनियाल पहाड़ के नौजवानों में छुपी हुई कड़ी मेहनत और ईमानदारी को स्वरोजगार में बदलने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। वे इसका श्रेय वह अपने स्वर्गीय पिता को देते हैं, जिन्होंने उन्हैं सिखाया कि कोई भी काम छोटा नहीं होता है, बल्कि उसे करने की कोशिशों को बड़ी ईमानदारी से करना चाहिए।

सुनील युवा उद्यमी तो हैं ही साथ ही उनका सामाजिक सरोकारों से निरंतर जुड़े रहना उन्हें सही मायनों में यूथ आइकन बनाता है। पुरुस्कार व्यक्ति को सम्मानित करता है, उसकी मेहनत को प्रमाणित और प्रोत्साहित करता है, किंतु अनेक बार सही व्यक्ति के चयन से पुरस्कार की गरिमा भी निर्मित होती है।

युवाओं के लिए बने हैं प्रेरणा के स्रोत देहरादून में YOUTH icon Yi National Award से सम्मानित

हमारी कोशिश है कि हम समाज के उन मोतियों को एक ऐसी प्रेरक माला में पिरोना चाहते हैं, जिससे समाज प्रेरणा ले, प्रभावित हो और उन संकल्पों को स्वयं के जीवन मे उतारे।

By Editor

One thought on “कड़ी मेहनत और लगन से फौजी के बेटे ने मात्र दस हजार रुपये में खड़ा किया करोड़ों का व्यापार । ”
  1. excellent.
    uttarayani institution of class 1 officers of central government of Delhi would like to invite you for a seminar for your experience to share with and promote such efforts to stop migration of uttarakhand youth.
    pls send us your mail and phone.
    thank you

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