चमोली। बर्फ से ढकी चोटियों के बीच एक नहीं, दो-दो इंद्रधनुषों ने मोहा पर्यटकों का मन, विंटर टूरिज्म की उम्मीदों को मिले पंख! उत्तराखंड के हिमालयी अंचल में मौसम ने इस बार सर्दियों के आगमन का खूबसूरत संकेत समय से पहले ही दे दिया है। मौसम की पहली बर्फबारी ने चमोली की ऊंची हिमालयी चोटियों को सफेद चादर से ढक दिया है। जिला मुख्यालय गोपेश्वर के ठीक पीछे स्थित भगवान रुद्रनाथ और माता अनुसूया क्षेत्र के हिमशिखरों पर ताजा बर्फबारी के बाद ऐसा विहंगम दृश्य उभरकर सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगा दिए हैं।
शुक्रवार शाम को खलताल पहुंचे पर्यटकों के लिए तो प्रकृति ने मानो अपने खजाने के दरवाजे ही खोल दिए। एक ओर सामने दूर-दूर तक फैली बर्फ से ढकी हिमालय की चोटियां थीं, तो दूसरी ओर आसमान में एक नहीं, बल्कि दो-दो इंद्रधनुषों की मनमोहक छटा दिखाई दी। सफेद बर्फ से दमकते पहाड़ों और आसमान में सतरंगी इंद्रधनुषों का यह अद्भुत संगम किसी खूबसूरत पेंटिंग से कम नहीं था।
खलताल से दिखाई दे रहे रुद्र हिमालय के इन अनुपम नजारों ने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कैमरों और मोबाइल फोन में इन खूबसूरत पलों को कैद करने की होड़ लगी रही। प्रकृति के इस अप्रत्याशित उपहार ने पर्यटकों के चेहरों पर खुशी और उत्साह बिखेर दिया। पहाड़ों की शांत वादियों में बर्फीली चोटियों के बीच दो इंद्रधनुषों का एक साथ दिखाई देना इस शाम को और भी यादगार बना गया।
* विंटर टूरिज्म के लिए शुभ संकेत, पर्यटन कारोबारियों में जगी उम्मीद :
समय से पहले हुई इस बर्फबारी को चमोली के पर्यटन कारोबार के लिहाज से भी उत्साहजनक संकेत माना जा रहा है। यदि आने वाले दिनों में मौसम इसी तरह मेहरबान रहता है और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नियमित बर्फबारी होती है, तो आगामी विंटर सीजन में पर्यटकों की आमद बढ़ने की प्रबल संभावनाएं हैं। रुद्र हिमालय, रुद्रनाथ, अनुसूया क्षेत्र और खलताल जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर स्थलों की खूबसूरती सर्दियों में और निखरकर सामने आती है। बर्फ से ढकी चोटियों का आकर्षण देश-दुनिया के प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफरों और एडवेंचर टूरिज्म के शौकीनों को अपनी ओर खींचने की क्षमता रखता है।
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पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय होमस्टे, होटल, कैंप एवं रेस्टोरेंट संचालकों के साथ ही टैक्सी कारोबारियों, गाइडों और स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। ऐसे में मौसम की यह पहली बर्फबारी पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के लिए उम्मीदों की नई किरण लेकर आई है।
* काश्तकारों के चेहरों पर भी लौटी मुस्कान!
पहाड़ों में मौसम का मिजाज केवल पर्यटन ही नहीं, बल्कि खेती-किसानी के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी की प्रतीक्षा कर रहे स्थानीय काश्तकारों के लिए मौसम में आया यह बदलाव राहत और उम्मीद का संदेश लेकर आया है।
समय पर होने वाली बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का असर जलस्रोतों, मिट्टी की नमी और आगामी कृषि गतिविधियों पर भी पड़ता है। यही वजह है कि हिमालय की चोटियों पर बर्फ की पहली सफेद चादर देखकर पर्यटन कारोबारियों के साथ-साथ ग्रामीण काश्तकारों के चेहरे भी खिल उठे हैं।
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कुल मिलाकर, मौसम की इस शुरुआती करवट ने चमोली की वादियों में सर्दियों के स्वागत का खूबसूरत आगाज कर दिया है। बर्फ से दमकते हिमशिखर, आसमान में सजे दो इंद्रधनुष और खलताल की मनमोहक वादियां इस बात का एहसास करा रही हैं कि आने वाला विंटर सीजन प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए बेहद खास हो सकता है।
रिपोर्ट : तनुश्री डिमरी मैठाणी