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The weather of infection:Rainy season : बरसात में सुरक्षा ही सावधानी

Ankit Dimri Yout Icon Yi National Media Report
Ankit Dimri : Yout Icon Yi National Media Report
बरसात में भीगने से बचें
बरसात में भीगने से बचें । 

यूं तो बरसात मौसम है बडा लुभावाना,यूँ तो ये मोैसम बहार ले कर आता है,कई किस्मों की फसलों व पुष्पों के लिए वरदान,परन्तु यह मौसम साथ ही साथ कई प्रकार के संक्रमण को भी न्यौता ले कर आता है।

Fungus एवं bacteria को अपनी growth के लिये नमी एवं सामान्य तापमान की आवश्यकता होती है बरसात के मौसम में ये दौनो उपयुक्त मात्रा में उपलब्ध होते हैं।अतएव: संक्रमण् होने का खतरा दोगुने तक बढ जाता है।मुख्यत: fungus संक्रमण,मौसमी बुखार,खांसी-जुकाम से लेकर टायफाइड,h1n1 इन्फ्लूएंजा,मलेरिया,डेंगू  जैसे गंभीर संक्रमण इस मौसम में हो सकते हैं।आपकी व आपके अपनों की सुरक्षा के लिए कुछ उपाय जो आपकी  बरसात के मजे को बरकरार रखेगा:

बरसात में हरे पत्तेदार सब्जियों का इस्तेमाल करें परंतु अच्छे से धोने के बाद ही प्रयोग करें ।
बरसात में हरे पत्तेदार सब्जियों का इस्तेमाल करें परंतु अच्छे से धोने के बाद ही प्रयोग करें ।

1- बरसात के मौसम में जितना हो सके ताजे फल व सब्जियों का प्रयोग करें,एवं बासी खाना खाने से बचे इससे उदर सम्बन्धी योग जैसे food poisoning, dysentery इत्यादि हो सकते है।

2- मांस में bacterial growth के लिए उप्युक्त माध्यम उपलब्ध होते हैं।अतएव बरसात में माँस भक्षण से बचें ये आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

3- स्नान के लिए Antibacterial soap एवं Dettol का प्रयोग करें,यह fungus infection एवं कुछ bacterial infection के बचाव के लिए काफी हद तक कारगर सिद्व होता है।

4- पानी संक्रमण का मुख्य स्त्रोत है, इसमें टायफाइड,पीलिया इत्यादि bacteria हो सकते हैं,पानी को 100℃ तक उबालने पर संक्रमण कारक तत्व समाप्त हो जाते है अतः उबले हुए पानी या Reverse Osmosis Unit का प्रयोग करें।

पानी को 100℃ तक उबालने पर संक्रमण कारक तत्व समाप्त हो जाते है अतः उबले हुए पानी या Reverse Osmosis Unit का प्रयोग करें।
पानी को 100℃ तक उबालने पर संक्रमण कारक तत्व समाप्त हो जाते है अतः उबले हुए पानी या Reverse Osmosis Unit का प्रयोग करें।

5- यू तो दही में पाचन क्रिया के लिए सहायक जीवाणु मौजूद होते हैं,परन्तु बरसात में रोग प्रतिरोध क्षमता सामान्य से थोडी ज्यादा सक्रिय होती है।अतएव दही भी बरसात मे घातक सिद्ध हो सकती है।

6- बरसात में छोटी सी चोट लगने पर भी मवाद बनने का खतरा बना रहता है,अतः चोट व जख्म से बचें या लगने पर हल्के में न लें एवं पूर्ण उपचार करे

7- बच्चों एवं बूढों में रोग प्रतिरोध क्षमता सामान्य से कम होती है,इसलिए इनकी खास देखभाल करें।

8- बारिश में भीखने पर सामान्य बुखार,जुकाम-खाँसी जैसे संक्रमण हो सकते हैं अतः जहां तक संभव हो सकता है भीगने से बचें।

9- अपने कूलर में या ऐसी जगह जहां पर पानी जमा हो सकता है,अच्छी तरह से सफाई कर लें क्योंकि रूके हुए पानी पर मादा मच्छर अपने अण्डो को देती है व मलेरिया व डेंगू को न्यौता देती है।

10- संक्रमण के लिए सबसे उपयुक्त माध्यम है हाथ,इन्ही के द्घारा संक्रामक मुंह के जरिए शरीर तक पहुंचते है अतः खाना खाने से पहले हाथ अवश्य घोएँ।

अपने व अपनों की सुरक्षा के लिए ये उपाय अपनाएं,स्वस्थ रहें एवं बरसात का भरपूर आनन्द उठाएँ।

  *अंकित डिमरी   

Copyright: Youth icon Yi National Media, 15.07.2016

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