देहरादून के पल्टन बाजार के व्यापारी ने पहाड़ के बच्चे को धमकी दी। वारदात कैमरे में हुई कैद! शर्मनाक, बालवीर सम्मान पाने वाले चमोली के गरीब बच्चे से 500 ऐंठे, बिल नहीं दिया! व्यापारी ने GST नियमों को दिखाया ठेंगा।
व्यापारी ने अध्यापक को कैमरे पर दी धमकी मुख्यमंत्री क्या प्रधानमंत्री तक चले जाओ वीडियो लेकर, पैसा नहीं दूंगा।
एक तरफ सरकार सीमांत जनपद चमोली के पोखरी ब्लॉक के सुदूर गांवों से पहली बार देहरादून आए छोटे-छोटे बच्चों को मुख्यमंत्री बालवीर सम्मान से सम्मानित कर रही है, तो दूसरी तरफ अस्थाई राजधानी के दिल पल्टन बाजार में एक व्यापारी की करतूत ने सम्मान का अपमान करने का काम किया है ।
सम्मान समारोह के बाद शाम को थोड़ा समय मिलने पर स्कूल के हेडमास्टर बच्चों को पल्टन बाजार घुमाने ले गए। जैसा कि वीडियो में अध्यापक बता रहे हैं, बच्चों को पुरस्कार स्वरूप कुछ लोगों ने 500-500 रुपये इनाम में दिए थे। पहाड़ से पहली बार बड़े शहर आए इन मासूम बच्चों में से एक बच्चा अपने बालसुलभ चंचल स्वभाव से एक जूते की दुकान में चला गया।
आरोप है कि दुकानदार ने उस छोटे बच्चे से 500 रुपये ले लिए और एक जूता पकड़ा दिया। जब हेडमास्टर को इसका पता चला और उन्होंने दुकान पर जाकर जूता वापस कर पैसे लौटाने की बात कही, तो व्यापारी ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। हैरानी की बात है कि व्यापारी ने जूते का बिल तक नहीं दिया था, जो GST नियमों का खुला उल्लंघन है। वायरल वीडियो में व्यापारी कैमरे के सामने खुलेआम अध्यापक को धमकाते हुए कह रहा है, जाओ, मुख्यमंत्री क्या प्रधानमंत्री तक वीडियो भेज दो, तुम्हें रुपया दूंगा ही नहीं।
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सोचने वाली बात है, सुदूर पहाड़ से आए बेहद गरीब बच्चे, जिनके मन में बड़े शहर और यहां के लोगों के लिए सम्मान था, उनके दिमाग पर इस तरह की सौदेबाजी और धमकी का क्या असर पड़ेगा? क्या यही है अतिथि देवो भवः वाला उत्तराखंड?
इस घटना से कई सवाल खड़े होते हैं:
1. बिना बिल के बच्चों से सामान बेचना, क्या सही है? व्यापार मंडल की क्या है राय? और जीएसटी विभाग को तत्काल इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए!
2. बाहर से आए नाबालिग बच्चों से इस तरह पैसे ऐंठना क्या बाल शोषण की श्रेणी में नहीं आता?
3. खुलेआम मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम पर धमकी, क्या कानून से बढ़कर है यह व्यापारी?
जिला प्रशासन और पुलिस को इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर संबंधित दुकानदार पर कार्रवाई करनी चाहिए और उस गरीब बच्चे के 500 रुपये वापस दिलाने चाहिए।
उक्त घटना का वीडियो उपेंद्र सती, अध्यापक जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर पोखरी चमोली द्वारा बनाया गया है, जिसे उन्होने फेसबुक अपलोड किया है और उसमें वह व्यापारी के सामने ही आरोप लगा रहे हैं कि इन्होने बिल नहीं दिया और ण ही पैसे लौटा रहे हैं ।
शशि भूषण मैठाणी पारस